जयपुर. राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में दुष्कर्म के एक आरोपी और उसके दो साथियों ने 25 वर्षीय पीड़िता को कथित तौर पर गोली मारी और उस पर गंडासे से हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. हमले मे पीड़िता का भाई भी घायल हो गया. दोनों का जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है. पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी राजेंद्र यादव का सोमवार को जयपुर में ट्रेन की चपेट में आने से पैर कट गया. पुलिस ने उसे पकड़ लिया गया है. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड ने अस्पताल जाकर पीडिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिया कि महिला की हालत को देखते हुए चिकित्सकों की सिफारिश पर उसे नयी दिल्ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) में स्थानांतरित किया जा सकता है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने के लिए यादव ने अपनी दाढ़ी और बाल कटवा लिए थे. सोमवार सुबह वह जयपुर के मालवीय नगर में ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसका दाहिना पैर कट गया और बायां पैर भी चोटिल हुआ है. कोटपूतली-बहरोड़ की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में पुलिस निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि कथित वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी महेश उर्फ महिपाल (22) और राहुल गुर्जर (19) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस ने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेन की चपेट में आकर एक युवक के घायल होने की सूचना दी थी जिसके बाद आपातकालीन सेवा-108 ने घायल यादव को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया. उसने बताया कि आरोपी ट्रेन के आगे कूदा या फिर चपेट में आया है, इसकी जांच की जा रही है. पीड़िता शनिवार रात को जब अपने भाई के साथ दोपहिया वाहन से घर लौट रही थी तो प्रागपुरा थाने के पास उस पर हमला कर दिया गया.
पुलिस के अनुसार यादव और उसके साथी महिपाल तथा राहुल ने उनका पीछा कर भाई-बहन पर हमला कर दिया. राजेंद्र ने पीड़िता की पीठ में गोली मारी और अन्य आरोपियों ने भी हमला किया. घटना के बाद शनिवार को पीड़िता के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार राजेंद्र ने 16 जनवरी को युवती से कथित तौर पर दुष्कर्म किया था.
परिवार ने बताया, ”यादव को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया और उसने पीड़िता को मामला वापस लेने के लिए धमकाना शुरू कर दिया.” प्राथमिकी के अनुसार, जब पीड़िता ने मामला वापस नहीं लिया तो उसने जानलेवा हमला कर दिया.
चाकू के वार से घायल पीड़िता के भाई को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र यादव पीड़िता को पुलिस के नाम पर धमकाता था और कहता था कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती. खींवसर ने कहा कि छह सदस्यीय चिकित्सकों के बोर्ड का गठन किया गया है जो यह तय करेगा कि पीड़ित महिला को इलाज के लिए नयी दिल्ली के एम्स में स्थानांतरित किया जाना चाहिए या नहीं.
उन्होंने बताया कि फिलहाल पीड़िता की हालत स्थिर है. जब उसे अस्पताल लाया गया तो उसकी हालत बेहद नाजुक थी. उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराध है और मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जायेगी. खींवसर ने दावा किया कि मुख्य आरोपी ने अपराध बोध के तहत आत्महत्या का प्रयास किया और अपना पैर कटवा लिया.
राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि समाज में इस तरह की कोई भी घटना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा ”आज सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मुलाकात कर चिकित्सकों से उसके सेहत के संबंध में विस्तार से जानकारी ली एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया.”
उन्होंने कहा ”समाज में इस तरह की कोई भी घटना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. शासन-प्रशासन को इस घटना की जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं. राजस्थान की बेटी की न्याय की इस लड़ाई में सरकार हर कदम पर उसके साथ खड़ी है.” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अस्पताल में पीड़िता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और परिजनों से बातचीत की.
उन्होंने मीडिया से कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कानून व्यवस्था को लेकर राजस्थान को बदनाम किया था जबकि अपराध के मामले में इस राज्य की स्थिति तुलनात्मक दृष्टि से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से अच्छी थी.
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”एसएमएस अस्पताल में भर्ती पीड़िता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली एवं परिजनों से बात की. अगर पीड़िता को सुरक्षा दी गई होती तो ऐसा नहीं होता. यह सरकार की लापरवाही है. इस प्रकरण की त्वरित जांच कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए.”
मामले में कांग्रेस ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है जिसमें पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़, राजस्थान बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल और पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर शामिल हैं. समिति पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) अध्यक्ष को सौपेंगी.