चेन्नई/नयी दिल्ली. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद ए. राजा के उस बयान से मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा है कि ‘भारत कभी एक राष्ट्र नहीं रहा, बल्कि यह एक उपमहाद्वीप है’ और उन्हें ‘राम का दुश्मन’ करार भी दिया जाता है तो उन्हें और उनकी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘नफरती भाषण’ बताया और राजा की गिरफ्तारी की मांग की, जबकि द्रमुक की सहयोगी कांग्रेस ने भी निंदा की है.
वीडियो में, राजा ने कथित तौर पर यह भी कहा कि जब बिलकीस बानो मामले के दोषी गुजरात सरकार द्वारा रिहा किए जाने के बाद जेल से बाहर आए, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करने के लिए ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें (भाजपा कार्यकर्ताओं को) ऐसा करने में शर्म नहीं आयी. उन्होंने कहा कि अगर यह प्यार और करुणा दिखाने और गरीबों की सेवा करने को लेकर है तो उन्हें, उनकी पार्टी और दिवंगत द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि सहित नेताओं को भगवान के प्रति कोई गुस्सा नहीं है.
राजा ने कहा, “अगर ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे का मतलब कट्टरवाद है, तो हम जय श्री राम और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे, तमिलनाडु इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा.” भाजपा का नाम लिए बिना, राजा ने संकेत दिया कि उन्हें और उनकी पार्टी को इस बयान (कि वे जय श्री राम और भारत माता की जय को स्वीकार नहीं करेंगे) के लिए “भगवान राम का दुश्मन” करार भी दे दिया जाए, तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा और उन्होंने कंब रामायण का हवाला देकर अपना पक्ष स्पष्ट किया.
राजा की कथित टिप्पणियों को लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कहा कि भारत के लोकाचार का सार्वजनिक रूप से अपमान करना और हिंदू देवताओं को अपमानित करना उनके राजनीतिक एजेंडे की पहचान बन गया है. भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि द्रमुक सांसद राजा ने तमिल में अपने हालिया भाषण में कहा है, ”भारत एक राष्ट्र नहीं है. इसे अच्छी तरह समझो. भारत कभी भी एक राष्ट्र नहीं है. एक राष्ट्र का अर्थ है एक भाषा, एक परंपरा, एक संस्कृति. तभी, यह एक राष्ट्र है. भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है.” प्रसाद ने द्रमुक नेता की कथित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया, ”यह माओवादी विचारधारा है.”
प्रसाद के मुताबिक राजा ने यह भी कहा, ”अगर यह आपका जय श्री राम है, अगर यह आपकी भारत माता की जय है, तो हम जय श्री राम और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. तमिल स्वीकार नहीं करते. आप जाइए और कहिए कि हम राम के शत्रु हैं.” प्रसाद ने आरोप लगाया, ”हम इस तरह की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं.” भाजपा नेता ने मांग की कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ के अन्य घटक दल आगे आएं और कहें कि क्या वे द्रमुक नेता की टिप्पणी से सहमत हैं.
कांग्रेस ने भी कथित टिप्पणियों के लिए द्रमुक सांसद की आलोचना की और कहा कि बोलते समय उन्हें संयम बरतना चाहिए. राजा एक वीडियो में पार्टी द्वारा आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें वह कथित रूप से कहते हैं, ह्लभारत एक राष्ट्र नहीं है. इस बात को अच्छे से समझ लें. भारत कभी एक राष्ट्र नहीं रहा. एक राष्ट्र एक भाषा, एक परंपरा और एक संस्कृति को दर्शाता है और ऐसी विशेषताएं ही एक राष्ट्र का निर्माण करती हैं.ह्व राजा ने दावा किया कि भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है. उन्होंने कहा, ह्लक्या कारण है . यहां तमिल एक राष्ट्र और एक देश है. मलयालम एक भाषा, एक राष्ट्र और एक देश है. उड़िया एक राष्ट्र, एक भाषा और एक देश है. ऐसी सभी राष्ट्रीय श्रेणियां भारत का निर्माण करती हैं. तो, भारत एक देश नहीं है, यह एक उपमहाद्वीप है, जिसमें विभिन्न प्रथाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं.ह्व इसके अलावा, उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, केरल, दिल्ली और ओडिशा जैसे राज्यों में अपनी-अपनी स्थानीय संस्कृति है.
उन्होंने कहा, ह्लमणिपुर में कुत्ते का मांस खाया जाता है, जो एक सांस्कृतिक पहलू है. कश्मीर में एक संस्कृति है. हर संस्कृति को मान्यता देनी होगी. अगर कोई समुदाय बीफ खाता है, तो उसे मानिए, आपकी समस्या क्या है . क्या उन्होंने आपसे खाने के लिए कहा . यही विविधता में एकता है. हमारे बीच अंतर है और इसे स्वीकार करना होगा.ह्व इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ह्लद्रमुक से नफरत भरे भाषण लगातार जारी हैं.
उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को नष्ट करने के आह्वान के बाद अब ए. राजा ने भारत के विभाजन का आह्वान किया है, भगवान राम का उपहास किया है, मणिपुर के लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं और एक राष्ट्र के रूप में भारत की अवधारणा पर सवाल उठाया है.ह्व उन्होंने कहा, ह्लकांग्रेस और अन्य आई.एन.डी.आई. गठबंधन (विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’) के साथी चुप हैं. उनके प्रधानमंत्री पद के तथाकथित उम्मीदवार राहुल गांधी की चुप्पी स्पष्ट है.ह्व तमिलनाडु प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि राजा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का ‘कर्तव्य’ है कि वह कानून का पालन करते हुए कार्रवाई करें और राजा को गिरफ्तार कराएं. कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली में कहा कि नेताओं को संयमित होकर बात करनी चाहिए.
सुप्रिया ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं उनकी बात से शत प्रतिशत असहमत हूं. मैं ऐसे वक्तव्य की पूरी तरह निंदा करती हूं.” राजा के रामायण और भगवान राम के बारे में कुछ टिप्पणियां करने पर उन्होंने कहा, ”मेरा मानना है कि राम सबके हैं, राम हम सबमें हैं. जिस राम को इमाम-ए-हिंद कहा गया है, वो संप्रदायों, धर्म और जाति से ऊपर हैं. राम जीवन जीने का आदर्श हैं, राम मर्यादा हैं, राम नैतिकता हैं, राम प्रेम हैं.” वीडियो में, राजा ने ‘कंब रामायण’ के लोकप्रिय तमिल छंदों जैसे ‘गुहनोडु ऐवर आनोम’ को भी उद्धृत किया और कहा कि कंब रामायण के अनुसार, भगवान राम भाईचारे और सद्भाव के लिए खड़े थे.
उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें भगवान राम और रामायण में कोई आस्था नहीं है, कंब रामायण से पता चलता है कि भगवान राम जाति और पंथ जैसी संकीर्ण सीमाओं से परे थे और भगवान सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक थे. राजा ने कहा कि इन कारणों से, दक्षिणपंथी ताकतों का ‘जय श्री राम’ नारा राजनीतिक बयानबाजी के रूप में खारिज करने लायक है. उन्होंने वीडियो में दावा किया कि भाजपा के पास हिंडनबर्ग रिपोर्ट, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री जैसे कई मुद्दों पर सवालों का कोई जवाब नहीं है और सभी मुद्दों का”केवल जवाब ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय” हैं.”