कोलकाता. पश्चिम बंगाल पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई की महासचिव अग्निमित्रा पॉल और लॉकेट चटर्जी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार दोपहर संदेशखाली जा रहीं पार्टी की महिला नेताओं को कोलकाता के बाहरी इलाके ‘न्यू टाउन’ में ही रोक लिया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई और महिला नेताओं ने उसी जगह धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जहां उन्हें रोका गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
भाजपा की चार महिला नेताओं ने बाद में न्यू टाउन पुलिस थाने में धरना शुरू कर दिया और गिरफ्तारी के लिए दस्तावेज दिखाने की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक गिरफ्तार किए जाने से संबंधित दस्तावेज. नहीं दिखाया जाएगा तब तक वे धरने से नहीं उठेंगी.
आसनसोल दक्षिण की विधायक पॉल ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” देखिए! ममता बनर्जी के अधीन पुलिस कैसे काम कर रही है. उन्हें लोकतांत्रिक सिद्धांतों की कोई परवाह नहीं है. जब हम शांतिपूर्वक तरीके से संदेशखाली की ओर बढ़ रहे थे तो उन्होंने हमें जबरन पुलिस वाहनों में बैठा लिया. न्यू टाउन निषेधाज्ञा के तहत कैसे आ गया! क्या आप हमें कहीं भी जाने से रोक सकते हैं.”
उन्होंने कहा कि पुलिस जिस तरह से जन प्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है, ऐसा ”केवल पश्चिम बंगाल में ही होता है.” पहले दिन में रोके जाने के बाद नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें इस आधार अशांत संदेशखाली की ओर से बढ़ने से रोक दिया गया कि वहां (संदेशखाली) के कई हिस्सों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.
पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी एवं भाजपा टीम की सदस्य भारती घोष ने कहा, ”यह अपमानजनक है. संदेशखाली में आंदोलन पर प्रतिबंधों का हवाला देकर पुलिस हमें कोलकाता में कैसे रोक सकती है?” पॉल ने कहा कि टीम का मकसद केवल संदेशखाली के उन क्षेत्रों का दौरा करने का था, जो निषेधाज्ञा धारा के दायरे से बाहर हैं.
उन्होंने पूछा, ”क्या कोलकाता में धारा 144 लागू है? पुलिस किस आधार पर हमें यहां रोक सकती है?” हुगली से सांसद चटर्जी ने कहा कि पुलिस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अभी भी संदेशखाली के राज पर पर्दा डाले रखना चाहती है, हालांकि वहां के अत्याचार पहले ही उजागर हो चुके हैं. इस टीम में भाजपा नेता फाल्गुनी पात्रा भी शामिल रहीं. इस टीम में भाजपा नेता फाल्गुनी पात्रा भी शामिल रहीं.
उन्होंने कहा, ”हम केवल संदेशखाली की उन पीड़ित महिलाओं के लिए आवाज उठाना चाहते हैं जो अभी भी डर के साये में जी रही हैं, क्योंकि शाहजहां शेख के सहयोगी अभी भी वहां मौजूद हैं तथा पुलिस महिलाओं की चिंताओं दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है.” जब चटर्जी और अन्य महिला नेताओं को पुलिस वाहन में चढ़ने के लिए कहा गया तो वह वहां मौजूद पुलिस अधिकारी के साथ उनकी बहस हो गई.
तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा नेता इलाके में लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं और स्थिति सामान्य नहीं होने दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ”पुलिस अपना काम कर रही है. संदेशखाली में स्थिति सामान्य है.” भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ”बंगाल की महिलाओं के लिए मगरमच्छ आंसू बहा रही हैं.”
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ” एक बार फिर, ममता बनर्जी की पुलिस ने सांसद लॉकेट चटर्जी, विधायक अग्निमित्रा पॉल, पूर्व आईपीएस एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष और भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई की महिला मोर्चा अध्यक्ष फाल्गुनी पात्रा के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल को संदेशखाली जाने से रोक दिया, जबकि वह खुद कोलकाता की सड़कों पर खुले आम घूम रही हैं.”
मालवीय ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि ”उन्होंने एक समुदाय के वोटों के लिए बंगाल की महिलाओं की गरिमा को शाहजहां जैसे अपराधियों के हाथों गिरवी रख दिया है.” उधर, तृणमूल सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अशांत संदेशखाली इलाके की महिलाओं के एक समूह से बृहस्पतिवार को समर्थन मिला और पार्टी की रैली के बाद उनसे मुलाकात की.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित रैली के दौरान बनर्जी ने संदेशखाली की महिलाओं के साथ समूह में फोटो ली और दावा किया कि विपक्षी भाजपा और अन्य दल हिंसा की छिटपुट घटनाओं को लोगों के सामने रखकर सत्तारूढ़ दल की छवि को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं.
तृणमूल की राज्यसभा सदस्य डोला सेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” उत्तर 24 परगना के संदेशखाली की लगभग 10-15 महिलाओं ने दीदी के साथ मंच साझा किया और खुशी-खुशी उनके साथ समूह में फोटो खिंचवाई.” उन्होंने कहा कि महिलाओं ने सत्तारूढ़ दल के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया और गलत कृत्य और अत्याचार के आरोपियों के खिलाफ पिछले वर्षों में बनर्जी की ओर से उठाए गए कदम की सराहना की है. सेन ने कहा कि महिलाओं ने संदेशखाली में बनर्जी की पहल की सराहना की और कहा कि वहां स्थिति शांतिपूर्ण है. तृणमूल रैली में अशांत संदेशखाली से 200 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया.