महाशिवरात्रि 2024: शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु की भीड़…

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Fri, 08 Mar 2024 10:30 AM
महाशिवरात्रि 2024: शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु की भीड़…
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नई दिल्ली: महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवाला बाग भाइयां मंदिर पहुंचे है. इस बार की महाशिवरात्रि पर ग्रह पांच राशियों में होंगे. चंद्र और मंगल एक साथ मकर राशि में होंगे. यह संयोग लक्ष्मी नामक योग बना रहा है. इसलिए इस बार शिवरात्रि पर धन संबंधी बाधाएं दूर की जा सकती हैं. चंद्र और गुरु का प्रबल होना भी शुभ स्थितियां बना रहा है. इस बार की शिवरात्रि पर रोजगार की मुश्किलें भी दूर की जा सकती हैं. साथ ही आज शुक्र प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाएगी.

महाशिवरात्रि की कथा

गरुड़ पुराण के अनुसार एक समय निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गए थे. काफा देर तक जंगल में घूमने के बाद भी उन्हें कोई शिकार नहीं मिला. वे थककर भूख-प्यास से परेशान हो गए और एक तालाब के किनारे बिल्व वृक्ष के नीचे बैठ गए. वहां पर एक शिवलिंग था. अपने शरीर को आराम देने के लिए निषादराज ने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, जो शिवलिंग पर भी गिर गए. अपने पैरों को साफ़ करने के लिए उन्होंने उन पर तालाब का जल छिड़का, जिसकी कुछ बून्दें शिवलिंग पर भी जा गिरीं.

ऐसा करते समय उनका एक तीर नीचे गिर गया, जिसे उठाने के लिए वे शिव लिंग के सामने नीचे को झुके. इस तरह शिवरात्रि के दिन शिव-पूजन की पूरी प्रक्रिया उन्होंने अनजाने में ही पूरी कर ली. मृत्यु के बाद जब यमदूत उन्हें लेने आए, तो शिव के गणों ने उनकी रक्षा की और उन्हें भगा दिया. मान्यता है कि जब अज्ञानतावश महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर की पूजा का इतना अद्भुत फल मिलता है, तो समझ-बूझ कर देवाधिदेव महादेव का पूजन कितना अधिक फलदायी होगा.

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