बारासात/कोलकाता. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक अदालत ने बृहस्पतिवार को संदेशखालि मामले के आरोपी शाहजहां शेख की सीबीआई हिरासत आठ दिन के लिए बढ़ा दी. करीब 55 दिनों तक फरार रहे शेख को 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया. महिलाओं ने उस पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था. पांच जनवरी को कथित राशन घोटाले में शेख के घर की तलाशी लेने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद वह लापता हो गया था.
राज्य सीआईडी ने उस पर लगे आरोपों को लेकर जांच शुरू की थी, जिसे बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था. अदालत ने 10 मार्च को उसे चार दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था.
संदेशखाली: ईडी ने शाहजहां शेख के ‘करीबी’ व्यापारियों के घरों पर छापेमारी की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख के साथ “करीबी संबंध” रखने वाले दो व्यापारियों के आवासों पर छापेमारी की. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारियों ने एक व्यवसायी के स्वामित्व वाले बाजार पर भी छापा मारा.
सीबीआई ने पांच जनवरी की घटनाओं से संबंधित तीन मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है, जब घोटाले के सिलसिले में उत्तरी 24 परगना जिले के संदेशखाली में शेख के परिसर की तलाशी लेने गए ईडी अधिकारियों पर 1,000 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था.
शेख फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की हिरासत में हैं.
ईडी अधिकारी ने कहा, “इन दोनों व्यापारियों ने शेख को राशन वितरण के लिए आए पैसे की हेरफेर करने में मदद की थी और उस पैसे का इस्तेमाल मछली व्यापार में किया था.” उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय भी अपने अधिकारियों पर हमले में उनकी भूमिका की जांच कर रहा है. तृणमूल कांग्रेस द्वारा पार्टी से निलंबित किए गए शेख को राज्य पुलिस ने 29 फरवरी को गिरफ्तार किया था. शेख और उनके सहयोगियों पर संदेशखाली में जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.