नयी दिल्ली. भारतीय सेना की ओर से द्वितीय विश्वयुद्ध में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले सूबेदार थानसिया का 102 साल की उम्र में निधन हो गया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. थानसिया ने कोहिमा की लड़ाई में अहम योगदान दिया और मित्र राष्ट्र की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई. सेना के भूतपूर्व सैनिक मूल रूप से मिजोरम के निवासी थे और 31 मार्च को उन्होंने अंतिम सांस ली.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”उनके उल्लेखनीय जीवन को कोहिमा की लड़ाई में उनकी वीरता, द्वितीय विश्व युद्ध के अहम मोर्चे पर उनकी भूमिका और जेसामी में उनकी महत्वपूर्ण तैनाती के दौरान पहली असम रेजिमेंट की विरासत को स्थापित करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के रूप में परिभाषित किया जाता है.” उन्होंने कहा कि अपनी पूरी सेवा के दौरान सूबेदार थानसिया ने राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता प्रर्दिशत की ”दायित्व से आगे बढ़कर कार्य किया, उन्हें भारत के सैन्य इतिहास में एक श्रद्धेय स्थान प्राप्त है.” सेना ने कहा, भारत “भारतीय सेना की असम रेजिमेंट के द्वितीय विश्व युद्ध का विशिष्ट अनुभव” रखने वाले सूबेदार थानसिया के निधन पर शोक व्यक्त करती है.