पूर्ववर्ती सरकारों ने पूर्वोत्तर को नजरअंदाज किया, हमने क्षेत्र को बदल दिया है: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 08 Apr 2024 10:05 PM
पूर्ववर्ती सरकारों ने पूर्वोत्तर को नजरअंदाज किया, हमने क्षेत्र को बदल दिया है: मोदी
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गुवाहाटी/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की ओर से नजरअंदाज किए गए पूर्वोत्तर क्षेत्र को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने पिछले एक दशक में एक ऐसे क्षेत्र में परिर्वितत कर दिया है जहां विकास और शांति उसे समृद्धि की ओर ले जा रहे हैं.

‘द असम ट्रिब्यून’ अखबार को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सही समय पर हस्तक्षेप और मणिपुर सरकार के प्रयास के कारण मणिपुर में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार नगा समूहों के साथ जल्द से जल्द शांति वार्ता को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में 11 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि 2014 से 9,500 से अधिक विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं, जो क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम दिखाता है.

उन्होंने कहा, “जब हमने सरकार बनाई थी तो पूर्वोत्तर में यथास्थिति को बदलने की मेरी दृढ. प्रतिबद्धता थी. हमने अलगाव और अज्ञानता की नीति को एकीकरण की नीति से बदल दिया. पिछले 10 वर्ष में हमने पूर्वोत्तर के अलगाव को समाप्त किया है और इसे पूर्व में भारत के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया है.” उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र का करीब 70 बार दौरा कर चुके हैं.

मोदी ने कहा, “आज पूर्वोत्तर ना दिल्ली से दूर है और न दिल से दूर है!” उन्होंने कहा, ”पूर्वोत्तर की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए हमारा दृष्टिकोण यह है कि इस क्षेत्र को भारत के बढ.ते आर्थिक संबंधों के लिए एक आधार के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोगों की आकांक्षाएं पूरी हों. हमने पिछले 10 वर्ष में भारत सरकार के मंत्रालयों द्वारा 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके पूर्वोत्तर को एक ‘परित्यक्त क्षेत्र’ से एक ‘प्रचुर क्षेत्र’ में बदल दिया है.” मणिपुर की स्थिति और विपक्ष की आलोचना के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थिति से संवेदनशीलता से निपटना सामूहिक जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा, “मैं संसद में पहले ही इस बारे में बोल चुका हूं. हमने संघर्ष को हल करने के लिए अपने सर्वोत्तम संसाधनों और प्रशासनिक मशीनरी को सर्मिपत किया है. भारत सरकार के समय पर हस्तक्षेप और मणिपुर सरकार के प्रयासों के कारण राज्य की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पिछले साल दो दिवसीय मणिपुर दौरे और विभिन्न हितधारकों के साथ 15 से अधिक बैठकें करने का जिक्र करते हुए, मोदी ने कहा कि राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा, ”किए गए उपचारात्मक उपायों में राज्य में आश्रय शिविरों में रहने वाले लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय पैकेज शामिल है.” आतंकवाद को नियंत्रित करने में केंद्र की उपलब्धि के बारे में मोदी ने कहा कि 2014 की तुलना में 2023 में आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में 71 प्रतिशत की कमी आई है.

उन्होंने कहा, ”इसी तरह से इस अवधि में सुरक्षा बलों के हताहतों की संख्या में 60 फीसदी और नागरिकों की मौत में 82 फीसदी की कमी आई है. सुरक्षा हालात में सुधार के कारण पूर्वोत्तर के अधिकतर हिस्सों से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) हटा लिया गया है.” अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों पर चीन के दावों के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा, “अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.” अरुणाचल प्रदेश के लिए हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज विकास कार्य सूर्य की पहली किरण की तरह पूर्वोत्तर तक पहुंच रहे हैं, पहले से कहीं ज्यादा तेजी से.”

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