कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईद के मौके पर वोट बैंक की राजनीति करने तथा समाज के ध्रुवीकरण की कोशिश करने का आरोप लगाया. भाजपा के राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कहा कि लोग सभी समुदायों के आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री की योजना सुनना चाहते थे, लेकिन इसके उलट उन्होंने लोगों के बीच “विभाजन के बीज बोने” का प्रयास किया.
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया, ”रेड रोड पर सभा में मुस्लिम भाइयों के बीच सौहार्द, भाईचारे का संदेश फैलाने के बजाय, मुख्यमंत्री ने अपनी संकीर्ण वोट बैंक की राजनीति के लिए विभाजन और ध्रुवीकरण के बीज बोने की कोशिश की.” ईद-उल-फितर के अवसर पर यहां एक सभा को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने दावा किया कि कुछ लोग चुनाव के दौरान “दंगा कराने” की कोशिश करेंगे और कार्यक्रम में भाग लेने वालों से “साजिश का शिकार न होने” का आग्रह किया.
बनर्जी ने रेड रोड पर सभा को संबोधित करते हुए कहा, ”हम नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को स्वीकार नहीं करेंगे. अगर हम एकजुट होकर रहेंगे तो कोई हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा.” भाजपा नेता भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री को पश्चिम बंगाल को विकसित करने के लिए एक रोडमैप तैयार करना चाहिए, जो सभी समुदायों के लिए हो और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करे.
भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता ने कहा, ”बंगाल से दूसरे राज्यों में मुसलमानों सहित विभिन्न वर्गों के युवाओं के पलायन को रोकने के तरीकों के बारे में बोलने के बजाय उन्होंने अन्य धार्मिक त्योहारों से पहले एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की. यह खतरनाक राजनीति है और हम राज्य के लोगों से अपील करते हैं कि वे तृणमूल सुप्रीमो की साजिश का शिकार न बनें.” तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता तृणांकुर भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल ”भाजपा-आरएसएस के नफरत से भरे, विभाजनकारी, सांप्रदायिक एजेंडे की ओर इशारा किया है, जो बंगाल में सांप्रदायिक सौहार्द बाधित करने के लिए केंद्रीय बलों का उपयोग कर रहे हैं”.
उन्होंने कहा, ”हमें भाजपा की सलाह की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री पूरे साल जनता के साथ रहती हैं. वह एक ऐसी नेता हैं, जो पंडालों में मां दुर्गा को ‘चक्षुदान’ करती हैं, पूजा का उद्घाटन करती हैं, छठ उत्सव में भाग लेती हैं और ईद मिलन में भाग लेती हैं.” तृणमूल छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”वह त्योहार से पहले इफ्तार समारोहों में भी शामिल होती हैं. मुख्यमंत्री गिरजाघरों में क्रिसमस और गुरुद्वारे में सिख समुदाय के त्योहार में भी भाग लेती हैं.” उन्होंने कहा कि केंद्र में ”भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की नीति और पश्चिम बंगाल के प्रति उसके भेदभावपूर्ण रवैये” के कारण मजदूर दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर हो गए हैं.”