तिरूवनंतपुरम/कोच्चि. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज को राहत कार्यों में समन्वय के लिए कुवैत जाने की अनुमति देने से मना किये जाने पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कांग्रेस नीत विपक्ष ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की आलोचना की, जबकि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस फैसले का समर्थन किया.
खान ने कहा कि जब शवों को शुक्रवार को लाया जा चुका है तो जॉर्ज बृहस्पतिवार को वहां जाकर क्या करतीं? उन्होंने कहा, ”इसलिए, यदि आप कल (बृहस्पतिवार को) जातीं और आज (शुक्रवार को) लौटतीं, तो वहां आप क्या करतीं? कुवैत में भारत सरकार के मंत्री मौजूद हैं और वे शवों को आज ला रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”इसलिए, कल और आज के बीच कुछ ही घंटे थे. यदि आप वहां चली भी जातीं तो क्या करतीं?” केंद्रीय पर्यटन एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि इस विषय को लेकर कोई विवाद नहीं है. गोपी ने कहा कि राजनयिक संबंधों के मामले में जो लोग शीर्ष पदों पर हैं, वे इस विषय को देख रहे हैं. चिंता न करें वे समर्थ हैं.
उन्होंने कहा, ”घायल भारतीयों की मदद के लिए हमारे लोग वहां काम कर रहे हैं. यह भारत सरकार का कर्तव्य है.” वहीं, दूसरी ओर विजयन ने कहा कि केंद्र की ओर से यह गलत रुख है. उन्होंने कहा, ”मंत्री यहां (कोच्चि) आई थीं, लेकिन राजनीतिक अनुमति नहीं मिलने के चलते यात्रा नहीं कर सकीं.” विपक्षी कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री के समान विचार व्यक्त किया. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की स्वास्थ्य मंत्री को कुवैत जाने की अनुमति नहीं दी गई.
उन्होंने कहा ”राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि राहत प्रयासों के बेहतर समन्वय में मदद करता. राज्य का प्रतिनिधि भी केंद्र सरकार को राहत प्रयासों में मदद करता. केंद्र सरकार को राज्य की स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत मंजूरी दे देनी चाहिए थी.” जॉर्ज ने बृहस्पतिवार रात कहा था, ”हमने केंद्र सरकार से, कुवैत जाकर त्रासदी से प्रभावित अपने लोगों के साथ खड़े होने और वहां गतिविधियों में समन्वय करने की अनुमति मांगी थी जो नहीं दी गई.”
राज्य सरकार ने घायलों के इलाज और मृतकों के शवों को लाने सहित राहत कार्यों में मदद के लिए जॉर्ज को कुवैत भेजने का फैसला किया था. जॉर्ज ने विदेश मंत्रालय से अनुमति की उम्मीद में हवाई अड्डे पर कथित तौर पर घंटों इंतजार किया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कुवैत की एक बहुमंजिला इमारत में 12 जून को आग लग जाने की घटना में 49 लोगों की मौत हो.