हिज्बुल्ला ने इजराइल में 100 से अधिक रॉकेट दागे, युद्ध का खतरा बढ़ा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 22 Sep 2024 09:25 PM
हिज्बुल्ला ने इजराइल में 100 से अधिक रॉकेट दागे, युद्ध का खतरा बढ़ा
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नाहरिया/दुबई. हिज्बुल्ला ने उत्तरी इजराइल के बड़े क्षेत्र में शनिवार तड़के 100 से अधिक रॉकेट दागे, जिनमें से कुछ हाइफा शहर के पास गिरे. जवाब में इजराइल ने भी लेबनान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिससे दोनों पक्षों में महीने से जारी तनाव के पूर्ण युद्ध का रूप अख्तियार करने का खतरा बढ़ गया.

हिज्बुल्ला के रॉकेट हमलों से उत्तरी इजराइल में हवाई आक्रमण के प्रति आगाह करने वाले सायरन बज उठे, जिसके बाद हजारों लोगों को बम रोधी शिविरों में शरण लेते हुए देखा गया. इजराइली सेना ने कहा कि रॉकेट ह्लरिहायशी इलाकों की तरफ दागे गएह्व, जिससे दोनों पक्षों में टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पूर्व में अधिकतर हमले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीमा के पास इजराइल के हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया.

इजराइल की बचाव सेवा एजेंसी मेगन डेविड एडोम ने बताया कि उसने छर्रे से घायल चार लोगों का इलाज किया, जिनमें 76 वर्षीय एक बुजुर्ग भी शामिल है, जो हाइफा के पास स्थित किर्याट बालिक में घायल हो गया था. किर्याट बालिक में कई इमारतों के क्षतिग्रस्त होने और वाहनों में आग लगने की खबर है. हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं कि इमारतों और वाहनों को क्षति हिज्बुल्ला के रॉकेट के कारण हुआ या इजराइली लड़ाकू विमान की वजह से.

हिज्बुल्ला ने ये रॉकेट हमले ऐसे समय में किए, जब बेरूत में शुक्रवार को इजराइल के हवाई हमले में संगठन के एक शीर्ष नेता सहित 45 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा, कुछ दिन पहले हिज्बुल्ला से जुड़े कई सदस्यों के पेजर, वॉकी-टॉकी, मोबाइल और लैपटॉप सहित अन्य उपकरणों में भी बड़े पैमाने पर विस्फोट हुए थे.

इजराइली सेना ने कहा कि पिछले 24 घंटे में उसने दक्षिणी लेबनान में कई हवाई हमले किए, जिनके तहत रॉकेट प्रक्षेपण स्थल सहित लगभग 400 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इजराइली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने दावा किया कि इन हमलों की मदद से (इजराइली क्षेत्र में) कई और हमलों की योजना को विफल कर दिया. शोशानी ने कहा, ह्लउत्तरी इजराइल के अधिकांश हिस्से में रह रहे लाखों लोगों को हमले का सामना करना पड़ा. उन्होंने शनिवार की रात और रविवार की सुबह बम रोधी शिविरों में बिताई. इजराइल में इतनी गहराई में पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर हमले नहीं हुए थे.ह्व

इजराइल से अब सीधी लड़ाई शुरू हो चुकी है: हिज्बुल्ला उप प्रमुख

हिज्बुल्ला के उप प्रमुख नईम कासम ने कहा कि उनके समूह की अब इजराइल से सीधी लड़ाई शुरू हो चुकी है तथा उत्तरी इजराइल से और लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा. कासम ने हिज्बुल्ला के शीर्ष कमांडर इब्राहिम अकील के अंतिम संस्कार के मौके पर कहा, ह्लहम यह स्वीकार करते हैं कि हमें पीड़ा हुई है. हम इंसान हैं. लेकिन जैसा दर्द हमें मिला है, वैसा ही आपको भी मिलेगा.ह्व उन्होंने कहा, ह्लआपकी अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी…और आप अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाओगे.ह्व हालिया महीनों में कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को खोने वाले हिज्बुल्ला के प्रमुख कासम ने कहा कि समूह ने ह्लजोरदार वापसी की है और अग्रिम मोर्चे पर इसका असर दिखाई देगा.ह्व उन्होंने कहा कि समूह ने रविवार तड़के इजराइल के अंदरूनी इलाकों में 100 रॉकेट दागे हैं, जो बस एक शुरुआत है.

इजराइल ने वेस्ट बैंक में अल जजीरा के कार्यालय पर छापा मारा

इजराइली सैनिकों ने रविवार तड़के इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में समाचार संगठन अल जजीरा के कार्यालय पर छापा मारा और वहां मौजूद लोगों को तत्काल काम बंद करने का आदेश दिया. कतर द्वारा वित्तपोषित प्रसारक गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध को कवर कर रहा है. अल जजीरा ने अपने अरबी भाषा के चैनल पर इजराइली सैनिकों के एक फुटेज का सीधा प्रसारण किया जिसमें सैनिक कार्यालय को 45 दिन तक बंद रखने का आदेश दे रहे हैं.

इजराइल ने मई में पूर्वी यरुशलम में अल जजीरा के कार्यालय पर छापा मारा था और उसके उपकरण जब्त कर लिए थे. इजराइल में उसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी. यह पहला मौका है जब इजराइल ने देश में संचालित किसी विदेशी समाचार चैनल को बंद किया है. हालांकि अल जजीरा ने इजराइली कब्जे वाले वेस्ट बैंक तथा गाजा पट्टी में अपना संचालन जारी रखा.

इजराइली सेना ने 12 घंटे बाद छापेमारी की बात स्वीकार की, तथा बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल ह्लआतंकवाद को भड़काने, आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया जा रहा था तथा चैनल के प्रसारण से … सुरक्षा और लोक व्यवस्था को खतरा है.ह्व अल जजीरा ने इस कदम की निंदा की है और वह पड़ोसी देश जॉर्डन के अम्मान से प्रसारण कर रहा है.
प्रसारक ने कहा है, ह्लअल जजीरा अपनी कवरेज को दबाने के प्रयासों से न तो डरेगा और न ही विचलित होगा.ह्व सशस्त्र इजराइली सैनिकों ने कार्यालय में प्रवेश किया और लाइव प्रसारण के दौरान एक पत्रकार से कहा कि इसे बंद कर दिया जाएगा, तथा कर्मचारियों को तुरंत वहां से चले जाने को कहा.

अल जजीरा के स्थानीय ब्यूरो प्रमुख वालिद अल-उमरी ने बाद में ‘एपी’ को बताया कि इजराइली सेना ने प्रसारक के कामकाज को बंद करने के आदेश के समर्थन में फलस्तीन में ब्रिटिश शासन के दौरान के कानूनों का हवाला दिया. इजराइल के ‘फॉरेंन विदेशी प्रेस एसोसिएशन’ ने कहा कि वह इससे बहुत परेशान है, जो प्रेस की स्वतंत्रता को खतरा पैदा करती है, और इजराइली सरकार से इन कार्रवाइयों पर पुर्निवचार करने का आग्रह करती है.

उसने कहा, ह्लविदेशी पत्रकारों पर प्रतिबंध लगाना और समाचार चैनलों को बंद करना लोकतांत्रिक मूल्यों से दूर जाने का संकेत है.ह्व इजराइल-हमास युद्ध को अल जजीरा ने बड़े पैमाने पर कवर किया है. अल जजीरा का मुख्य वित्तपोषक कतर है जो इजराइल और हमास के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संघर्ष विराम पर पहुंचने के लिए वार्ता में मध्यस्थता कर रहा है.

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