विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया में सीईओ और व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 07 Nov 2024 08:14 PM
विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया में सीईओ और व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात की

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सिडनी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि दुनिया अधिक एकीकृत वैश्विक कार्यस्थल की ओर बढ़ रही है जिससे अमेरिका समेत कई देशों को आव्रजन और आवाजाही में अंतर करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और व्यापार जगत की हस्तियों के साथ बैठक के दौरान प्रतिभा और कौशल की गतिशीलता पर जोर देते हुए कहा कि यह निर्णय कॉर्पोरेट जगत को करना होगा कि प्रतिभाएं व्यापार जगत के पास जाएंगी या व्यापार को प्रतिभाओं तक पहुंच बनानी होगी.

जयशंकर ऑस्ट्रेलिया की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. उन्होंने कहा, ”हालांकि पुन? वैश्वीकरण हो रहा है या वर्तमान ढांचे में बदलाव हो रहा है लेकिन तकनीकी बदलावों के अलावा मुझे लगता है कि दुनिया की जनसांख्यिकीय असमानता हमें परेशान करने लगी है.” उन्होंने भारत की प्राथमिकताओं के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, ”आप वैश्विक कार्यस्थल कैसे बनाते हैं, उसका प्रबंधन कैसे करते हैं? और अब वैश्विक कार्यस्थल का मतलब यह नहीं है कि केवल प्रतिभा को ही आगे बढ़ना है. व्यवसाय भी आगे बढ़ सकते हैं.” विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में ऐसा होते देखा गया है.

उन्होंने कहा, ”आखिरी गणना के अनुसार भारत में लगभग 1,800 वैश्विक क्षमता केंद्र हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 150 अरब अमेरिकी डॉलर के विशेषज्ञ तैयार करते हैं.” अमेरिका में बुधवार को रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद पैदा हो रही संभावनाओं के बीच जयशंकर ने कहा कि अमेरिका में चुनाव परिणाम से आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुन? व्यवस्थित करने में तेजी आएगी, जो भारत में पहले से ही हो रहा है. जयशंकर इस बात को लेकर भी आशावादी थे कि राजनीति से इतर, दुनिया हरित होगी, भले ही अर्थव्यवस्था को हरित बनाने की गति अलग-अलग हो.

मंत्री ने कहा कि भारत निश्चित रूप से ”हरित हाइड्रोजन, हरित अमोनिया पर बड़ा दांव लगा रहा है और हरित शिपिंग कॉरिडोर के बारे में सोच रहा है, इले्ट्रिरक मोबिलिटी पहले से ही हमारे सामने है और हम बायोडीजल पर विचार कर रहे हैंह्व. उन्होंने कहा कि भारत टिकाऊ विमानन ईंधन को भी बहुत मजबूती से आगे बढ़ा रहा है.

इससे पहले जयशंकर ने भारत की उपलब्धियों, विशेषकर पिछले एक दशक में विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया.
उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को ”अलग दुनिया के लिए तैयार रहने की सलाह दी, एक एआई की दुनिया, एक ईवी की दुनिया, हरित सेवाओं और हरित उत्पादों की दुनिया” और उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव के लिए भारत आने के लिए आमंत्रित किया.

इस बीच जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सिडनी में सीईओ और व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात कर दिन की अच्छी शुरुआत हुई. डिजिटल, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और कौशल में भारत में जारी बदलावों को रेखांकित किया.” उन्होंने कहा, ”हमारे मजबूत व्यापार और निवेश संबंध हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख घटक हैं.” जयशंकर ने सिडनी में न्यू साउथ वेल्स की संसद में प्रवासी समुदाय के सदस्यों, सांसदों और भारत के मित्रों से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा, ”भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय के सक्रिय योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया गया.” जयशंकर ने सिडनी स्थित एक स्वतंत्र थिंक टैंक ‘लोवी इंस्टीट्यूट’ में विदेशी मामलों और रणनीति विशेषज्ञों के साथ चर्चा में भी भाग लिया.

By Yogesh Kumar Sahu