प्रियंका का योगी पर पलटवार: युवाओं को युद्ध क्षेत्र में झोंकना पीठ थपथपाने की नहीं, शर्म की बात

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 17 Dec 2024 10:32 PM
प्रियंका का योगी पर पलटवार: युवाओं को युद्ध क्षेत्र में झोंकना पीठ थपथपाने की नहीं, शर्म की बात
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नयी दिल्ली/अगरतला. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने युवाओं को रोजगार के लिए युद्ध क्षेत्र में झोंक देना पीठ थपथपाने की नहीं, बल्कि शर्म की बात है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि होनहार युवा रोजगार के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं, क्योंकि आदित्यनाथ रोजगार दे ही नहीं सकते.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बिना नाम लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस की एक सांसद फलस्तीन का थैला लेकर घूम रही हैं, जबकि वह उत्तर प्रदेश के नौजवानों को इजराइल रोजगार के लिए भेज  रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अब तक लगभग 5600 से अधिक युवा इजराइल में निर्माण कार्य के लिए गए हैं.

प्रियंका गांधी ने आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ” उत्तर प्रदेश के युवाओं को यहां रोजगार देने की जगह उन्हें युद्धग्रस्त इजराइल भेजने वाले इसे अपनी उपलब्धि बता रहे हैं. उन्हें न तो प्रदेश की बेरोजगारी का हाल पता है, न ही उन युवाओं और उनके परिवारों की पीड़ा. ” उन्होंने कहा कि खबरों के मुताबिक, इजराइल में काम करने गए युवा बंकरों में छुपकर अपनी जान बचा रहे हैं और कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं तथा उनके परिवार वाले हरदम डरे रहते हैं.

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, “हमारे होनहार युवा रोजगार के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं, क्योंकि आप रोजगार दे ही नहीं सकते.” प्रियंका गांधी ने कहा, “अपने युवाओं को रोजगार के लिए युद्ध क्षेत्र में झोंक देना पीठ थपथपाने की नहीं, बल्कि शर्म की बात है.”

युवा कांग्रेस ने 1971 युद्ध की तस्वीर सेना मुख्यालय से ‘हटाने’ के खिलाफ रैली निकाली
कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यहां एक विशाल विरोध रैली निकाली और 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के औपचारिक आत्मसमर्पण की ऐतिहासिक तस्वीर को भारतीय सेना मुख्यालय से कथित तौर पर हटाये जाने की निंदा की.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि पाकिस्तान द्वारा भारत के सामने आत्मसमर्पण करने की तस्वीर सेना मुख्यालय से हटा दी गई है. शून्यकाल के दौरान गांधी ने कहा कि तस्वीर सोमवार को हटाई गई, जिस दिन विजय दिवस भी होता है. इस तस्वीर में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी को 1971 में भारतीय सेना से हार के बाद 93,000 सैन्य र्किमयों के औपचारिक आत्मसमर्पण पर हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया है, जिसके बाद 13 दिनों का युद्ध समाप्त हुआ था और बांग्लादेश बना था.

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नीलकमल साहा ने संवाददाताओं से कहा, ”विजय दिवस के दिन, सरकार ने सेना मुख्यालय से ऐतिहासिक तस्वीर हटा दी. यह और कुछ नहीं तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में सेना द्वारा हासिल गौरव को नकारने का एक प्रयास है. हम इस कदम की कड़ी निंदा करते हैं और तस्वीर को उसके मूल स्थान पर वापस लगाने की मांग करते हैं.” उन्होंने कहा, ”उक्त तस्वीर बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारतीय सेना की वीरता को दर्शाती है. यह उन सैन्य र्किमयों के खून के बदले हासिल किया गया था, जिन्होंने तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना को हराने के लिए मुक्तियोद्धाओं के साथ युद्ध लड़ा था.”

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