अमृतसर/चंडीगढ़/अहमदाबाद. अमेरिका से 116 अवैध प्रवासियों को लेकर एक विमान शनिवार देर रात अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि विमान रात 10 बजे के अपेक्षित समय के बजाय रात 11 बजकर 35 मिनट पर हवाई अड्डे पर उतरा.
यह अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा पांच फरवरी के बाद निर्वासित किया गया भारतीयों का दूसरा जत्था है. यह तत्काल पता नहीं चल पाया कि निर्वासित लोगों को पहले जत्थे की तरह बेड़ियां पहनाई गई थीं या नहीं.
इनमें पंजाब से संबंध रखने वाले लोगों को आव्रजन संबंधी और पृष्ठभूमि की जांच के बाद रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस की गाड़ियों में उनके घर पहुंचाया गया. हरियाणा सरकार ने भी राज्य से निर्वासित लोगों के लिए परिवहन की व्यवस्था की. अवैध प्रवासियों के पहले जत्थे को पांच फरवरी को निर्वासित किया गया था. इनमें से अधिकतर लोग पंजाब के थे. कई लोगों ने कहा था कि वे अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवन की खातिर अमेरिका जाना चाहते थे लेकिन उनके एजेंट ने उन्हें धोखा दिया.
हालांकि, उनके सपने तब टूट गए जब उन्हें अमेरिकी सीमा पर पकड़ लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर वापस भेज दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, दूसरे जत्थे में निर्वासित लोगों में पंजाब से 65, हरियाणा से 33, गुजरात से आठ, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर से एक-एक व्यक्ति शामिल है. सूत्रों के अनुसार, अधिकतर निर्वासित लोग 18 से 30 वर्ष की आयु के हैं.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 157 निर्वासितों को लेकर तीसरे विमान के 16 फरवरी को भारत पहुंचने की संभावना है. इससे पहले, पांच फरवरी को 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था. इनमें से 33-33 हरियाणा और गुजरात से थे, जबकि 30 पंजाब से थे. निर्वासित लोगों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कृषि भूमि और मवेशियों को गिरवी रखकर धन जुटाया ताकि उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा जा सके.
निर्वासित गुरजिंदर सिंह (27) के एक रिश्तेदार ने संवाददाताओं को बताया कि उनके परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए एक एकड़ जमीन बेची और करीब 50-55 लाख रुपये खर्च किए. गुरजिंदर के रिश्तेदार ने कहा, ”ट्रैवल एजेंट ने उसे कानूनी तरीके से भेजने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह उसे ‘डंकी’ (अवैध) मार्ग से ले गया.” होशियारपुर जिले के टांडा क्षेत्र के कुराला कलां गांव निवासी दलजीत सिंह के परिवार ने कहा कि एक ‘ट्रैवल एजेंट’ ने उनके साथ धोखाधड़ी की है.
दलजीत की पत्नी कमलप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि उनके पति को ‘ट्रैवल एजेंट’ ने धोखा दिया, जिसने उन्हें अमेरिका के लिए सीधी उड़ान का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय उन्हें अवैध तरीके से ले गया. पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने हवाई अड्डे पर कुछ निर्वासितों से मुलाकात की. धालीवाल ने उनसे कहा कि राज्य सरकार चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी है. उन्होंने उनसे हिम्मत न हारने को कहा.
निर्वासितों में से एक व्यक्ति ने धालीवाल को बताया कि उसने और उसके रिश्ते के भाई ने अमेरिका पहुंचने के लिए 40-40 लाख रुपये खर्च किए. दोनों पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर के पास एक गांव के रहने वाले हैं. धालीवाल ने कहा कि सरकार युवाओं को ठगने वाले ‘ट्रैवल एजेंट’ को सलाखों के पीछे भेजेगी और उन्होंने निर्वासितों से आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया.
उन्होंने पड़ोसी राज्य हरियाणा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी उसने निर्वासित लोगों के लिए कैदियों को ले जाने में इस्तेमाल की जाने वाली दो बस भेजीं. धालीवाल ने कहा, ”मैं परिवहन मंत्री अनिल विज से अनुरोध करता हूं कि उन्हें कैदियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बस नहीं भेजनी चाहिए. इसके अलावा, हरियाणा सरकार का कोई भी मंत्री निर्वासित लोगों को लेने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद नहीं था.” उन्होंने कहा, ”हमारे पवित्र शहर को निर्वासन केंद्र न बनाएं.” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हवाई अड्डे पहुंचे.
मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के निवासियों को उनके गृहनगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रशासन ने हरियाणा से निर्वासित लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की भी पेशकश की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका से निर्वासित किए गए अन्य राज्यों के लोग रविवार सुबह विमान से अमृतसर से दिल्ली पहुंचेंगे और फिर उन्हें उनके घरों तक ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है.
अमेरिकी विमान अमृतसर उतरा: निर्वासित ने बेड़ियां पहनाए जाने का दावा किया, हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार
अमेरिका से 116 अवैध प्रवासियों को लेकर एक विमान शनिवार देर रात अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा और एक निर्वासित व्यक्ति ने दावा किया कि यात्रा के दौरान निर्वासितों को हथकड़ियां पहनाई गईं और उनके पैरों में जंजीरें डाली गई. सूत्रों ने बताया कि विमान रात 10 बजे के अपेक्षित समय के बजाय रात 11 बजकर 35 मिनट पर हवाई अड्डे पर उतरा. यह अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा पांच फरवरी के बाद निर्वासित किया गया भारतीयों का दूसरा जत्था है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 157 निर्वासितों को लेकर तीसरे विमान के 16 फरवरी को भारत पहुंचने की संभावना है. पंजाब के रहने वाले लोगों को आव्रजन संबंधी और पृष्ठभूमि की जांच के बाद रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस की गाड़ियों में उनके घर पहुंचाया गया. हरियाणा सरकार ने भी राज्य से निर्वासित लोगों के लिए परिवहन की व्यवस्था की. इस बीच, अमेरिका द्वारा निर्वासित किए गए अवैध भारतीय प्रवासियों में शामिल पटियाला जिले के राजपुरा के दो युवकों को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नानक सिंह ने अमृतसर हवाई अड्डे से आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी संदीप सिंह उर्फ सनी और प्रदीप सिंह 2023 में दर्ज किए गए हत्या के एक मामले में वांछित थे. संदीप और चार अन्य के खिलाफ जून 2023 में राजपुरा में मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान संदीप के एक अन्य साथी प्रदीप का नाम प्राथमिकी में जोड़ा गया था.
दोनों को गिरफ्तार करने के लिए राजपुरा थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम शनिवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर भेजी गई थी.
अवैध प्रवासियों के पहले जत्थे को पांच फरवरी को निर्वासित किया गया था. कई लोगों ने कहा था कि वे अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवन की खातिर अमेरिका जाना चाहते थे लेकिन उनके एजेंट ने उन्हें धोखा दिया.
हालांकि, उनके सपने तब टूट गए जब उन्हें अमेरिकी सीमा पर पकड़ लिया गया और बेड़ियों में जकड़कर वापस भेज दिया गया.
निर्वासित लोगों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कृषि भूमि और मवेशियों को गिरवी रखकर धन जुटाया ताकि उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा जा सके. सूत्रों के मुताबिक, दूसरे जत्थे में निर्वासित लोगों में पंजाब से 65, हरियाणा से 33, गुजरात से आठ, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर से एक-एक व्यक्ति शामिल है. सूत्रों के अनुसार, अधिकतर निर्वासित लोग 18 से 30 वर्ष की आयु के हैं.
अमेरिका से शनिवार रात अमृतसर भेजे गए निर्वासितों में शामिल दलजीत सिंह ने रविवार को दावा किया कि यात्रा के दौरान उन्हें हथकड़ियां पहनाई गईं और उनके पैरों में जंजीरें डाली गईं. सिंह ने होशियारपुर में संवाददाताओं से कहा, ”हमारे पैरों में जंजीरें थीं और हाथों में हथकड़ी भी थी.” पंजाब के होशियारपुर जिले के कुराला कलां गांव का मूल निवासी सिंह उन 116 अवैध भारतीय प्रवासियों में शामिल है जिन्हें अमेरिकी विमान से शनिवार रात अमृतसर हवाई अड्डे लाया गया. पिछली बार भी निर्वासित लोगों ने दावा किया था कि उन्हें बेड़ियां पहनाई गई थीं. सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उसे ‘डंकी’ (अवैध) मार्ग से अमेरिका ले जाया गया था.
‘डंकी’ मार्ग वह अवैध और जोखिम भरा मार्ग है जिसका इस्तेमाल अवैध प्रवासी अमेरिका में प्रवेश करने के लिए करते हैं. सिंह की पत्नी कमलप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि उसके पति को ‘ट्रैवल एजेंट’ ने धोखा दिया. उसने कहा कि ‘ट्रैवल एजेंट’ ने सिंह को सीधी उड़ान से अमेरिका ले जाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय उसे अवैध तरीके से ले गया.
कमलप्रीत ने बताया कि उसके गांव के एक व्यक्ति ने सिंह की यात्रा के लिए एक ‘ट्रैवल एजेंट’ की व्यवस्था की थी. उसने कहा कि एजेंट ने कानूनी तरीके से अमेरिका ले जाने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में जब उसे कई स्थानों पर ले जाया गया, तो उसे यात्रा की वैधता पर संदेह पैदा हुआ. निर्वासित गुरजिंदर सिंह (27) के एक रिश्तेदार ने संवाददाताओं को बताया कि उनके परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए एक एकड़ जमीन बेची और करीब 50-55 लाख रुपये खर्च किए.
गुरजिंदर के रिश्तेदार ने कहा, ”ट्रैवल एजेंट ने उसे कानूनी तरीके से भेजने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह उसे ‘डंकी’ (अवैध) मार्ग से ले गया.” पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने हवाई अड्डे पर कुछ निर्वासितों से मुलाकात की. धालीवाल ने उनसे कहा कि राज्य सरकार चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी है. उन्होंने उनसे हिम्मत न हारने को कहा.
निर्वासितों में से एक व्यक्ति ने धालीवाल को बताया कि उसने और उसके रिश्ते के भाई ने अमेरिका पहुंचने के लिए 40-40 लाख रुपये खर्च किए. दोनों पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर के पास एक गांव के रहने वाले हैं. धालीवाल ने कहा कि सरकार युवाओं को ठगने वाले ‘ट्रैवल एजेंट’ को सलाखों के पीछे भेजेगी और उन्होंने निर्वासितों से आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया.
अमेरिका से निर्वासित गुजरात के आठ लोग अहमदाबाद पहुंचे
अमेरिका से अवैध प्रवास के कारण निर्वासित किए गए 116 भारतीयों में शामिल गुजरात के आठ लोगों को लेकर एक विमान रविवार को अमृतसर से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उन्हें पुलिस वाहनों से उनके गृह जिलों में भेज दिया गया.
सहायक पुलिस आयुक्त (‘जी’ डिवीजन) आर डी ओझा ने बताया, ”गुजरात के आठ निर्वासित प्रवासी रविवार सुबह 11 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचे. इनमें एक महिला और एक बच्चा भी शामिल था. पुलिस वाहनों के जरिए निर्वासितों को उनके गृह जिले भेज दिया गया.” अमेरिका से 116 अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर एक विमान शनिवार देर रात अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था. ये आठ लोग उन 116 भारतीयों में शामिल थे. सूत्रों के अनुसार, इन आठ लोगों में से तीन गांधीनगर और एक अहमदाबाद का निवासी है.
यह आठ लोग अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के तहत निर्वासित किए गए भारतीयों के दूसरे जत्थे का हिस्सा हैं.
इससे पहले, पांच फरवरी को एक अमेरिकी सैन्य विमान 104 अवैध प्रवासियों को हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़कर अमृतसर लाया था. निर्वासितों को हथकड़ी पहनाने पर विपक्ष ने तीखी आलोचना की थी. इनमें से 33 निर्वासित गुजरात से थे.
अमृतसर हवाई अड्डे पर रविवार को एक और विमान के उतरने की संभावना है जिसमें 157 और निर्वासित भारतीयों को लाया जाएगा.
गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने इन निर्वासित लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि वे रोजगार या करियर की तलाश में विदेश गए थे और उन्हें अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.