चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र. अमेरिका से 116 निर्वासितों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान शनिवार देर रात अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचा. निर्वासित लोगों में से पुरुषों ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उन्हें बेड़ियां लगाई गई थीं और सिख युवकों के सिर पर कथित तौर पर पगड़ी नहीं थी.
शनिवार रात लगभग 11:35 बजे हवाई अड्डे पर उतरे सी-17 विमान के जरिए निर्वासित भारतीयों के दूसरे समूह को भारत लाया गया.
इन 115 निर्वासितों में से 65 पंजाब से, 33 हरियाणा से, आठ गुजरात से, दो-दो उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से और एक-एक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से हैं. अमृतसर पहुंचने पर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे थकाऊ यात्रा के बाद उन्हें काफी राहत मिली. सूत्रों के अनुसार, दूसरे समूह के अधिकांश निर्वासितों की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और गुजरात के लोगों समेत 112 निर्वासितों को लेकर तीसरे विमान के रविवार देर रात अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने की उम्मीद है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने रविवार को अमेरिकी अधिकारियों की कड़ी निंदा और दावा किया कि उन्होंने निर्वासितों के दूसरे समूह में शामिल सिखों को पगड़ी पहनने की अनुमति नहीं दी.
एसजीपीसी ने ये बयान सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद दिया है, जिसमें अमृतसर हवाई अड्डे पर बिना पगड़ी के सिख निर्वासितों को अपनी आव्रजन औपचारिकताएं पूरी करते हुए देखा गया है. अमृतसर हवाई अड्डे पर निर्वासितों के लिए ‘लंगर’ और बस सेवा प्रदान करने के लिए तैनात किए गए एसजीपीसी अधिकारियों ने सिख निर्वासितों को ‘दस्तार’ (पगड़ी) दी.
निर्वासित लोगों के दूसरे समूह में पंजाब के रहने वाले लोगों को आव्रजन और पृष्ठभूमि जांच के बाद रविवार तड़के साढ़े चार बजे पुलिस वाहनों में उनके घरों तक ले जाया गया.
हालांकि, पटियाला जिले के राजपुरा से ताल्लुक रखने वाले दो निर्वासितों को अमृतसर में उतरते ही एक हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. संदीप सिंह उर्फ ??सनी और प्रदीप सिंह 2023 में राजपुरा में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित थे. निर्वासितों ने अमेरिका तक की अपनी यात्रा के दौरान हुईं परेशानियों के बारे में बताया. रविवार को पंजाब के फिरोजपुर जिले में अपने गांव चांदीवाला पहुंचे सौरव (20) ने बताया कि 27 जनवरी को जब वह सीमा पार कर देश (अमेरिका) में घुसने की कोशिश कर रहा था तो उसे अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ लिया था. वह पिछले साल 17 दिसंबर को घर से अमेरिका के लिए निकला था.
सौरव ने कहा, “हमें 18 दिनों तक एक शिविर (हिरासत केंद्र) में रखा गया.” उन्होंने कहा कि उनके मोबाइल फोन ले लिए गए थे. सौरव ने कहा, “परसों हमें बताया गया कि हमें दूसरे शिविर में ले जाया जाएगा. जब हमें विमान में बिठाया गया तो उन्होंने कहा कि हमें भारत ले जाया जा रहा है.” सौरव ने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें विदेश भेजने के लिए 45-46 लाख रुपये खर्च किए. उन्होंने कहा, “दो एकड़ कृषि भूमि बेची गई और कमीशन एजेंट से पैसे उधार लिए गए.” अपनी यात्रा के बारे में सौरव ने कहा कि उन्हें एम्स्टर्डम, पनामा और मैक्सिको होते हुए अमेरिकी सीमा तक ले जाया गया.
यह पूछे जाने पर कि क्या अमृतसर जाते समय उन्हें बेड़ियां लगाई गई थीं, सौरव ने कहा, “हमें हथकड़ी लगाई गई थी और हमारे पैरों में जंजीरें बांधी गई थीं.” गुरदासपुर जिले के खानोवाल घुमन गांव के निवासी हरजीत सिंह को उनके चचेरे भाई के साथ अमेरिका से निर्वासित कर दिया गया.
उन्होंने कहा, “हम आज सुबह करीब छह बजे घर पहुंचे.” उन्होंने कहा, “हमें 27 जनवरी को अमेरिकी सीमा पार करते समय पकड़ा गया और 18 दिनों तक हिरासत केंद्र में रखा गया. हमें 13 फरवरी को निर्वासित कर दिया गया और हमारे हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरें डाल दी गईं.” हरजीत ने बताया कि परिवार ने उनके और उनके चचेरे भाई के अमेरिका जाने पर 90 लाख रुपये खर्च किये.
हरजीत ने कहा, “हमें आश्वासन दिया गया था कि हमें कानूनी तरीके से अमेरिका ले जाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.” होशियारपुर जिले के बोदल गांव निवासी मंताज सिंह (22) ने बताया कि जैसे ही वह अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने पकड़ लिया. उन्होंने बताया कि ‘डंकी रूट’ के जरिए वहां ले जाया गया.
‘डंकी रूट’ अमेरिका में प्रवेश करने के लिए प्रवासियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक अवैध और जोखिम भरा रास्ता है. पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने हवाई अड्डे पर कुछ निर्वासितों से मुलाकात की.
धालीवाल ने उनसे कहा कि राज्य सरकार चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी है. उन्होंने उनसे हिम्मत न हारने को कहा. निर्वासितों में से एक व्यक्ति ने धालीवाल को बताया कि उसने और उसके रिश्ते के भाई ने अमेरिका पहुंचने के लिए 40-40 लाख रुपये खर्च किए. दोनों पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर के पास एक गांव के रहने वाले हैं.
धालीवाल ने कहा कि सरकार युवाओं को ठगने वाले ‘ट्रैवल एजेंट’ को सलाखों के पीछे भेजेगी और उन्होंने निर्वासितों से आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया. इससे पहले, पांच फरवरी को 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था. इनमें से 33-33 हरियाणा और गुजरात से थे, जबकि 30 पंजाब से थे. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अमृतसर एयरपोर्ट पर निर्वासित लोगों को लाने वाले अमेरिकी विमानों के उतरने को लेकर केंद्र पर निशाना साध रहे हैं.
उन्होंने कहा था, “हमारे पवित्र शहर को निर्वासन केंद्र मत बनाइए.”
अमेरिका से निर्वासित नागरिक अमृतसर उतरने के बाद गिरफ्तार, आपराधिक मामले में था वांछित
पंजाब के अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरे विमान में अमेरिका द्वारा निर्वासित किए गए अवैध भारतीय प्रवासियों के दूसरे जत्थे में शामिल हरियाणा के एक व्यक्ति को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. अवैध प्रवासियों के दूसरे जत्थे में 33 लोग हरियाणा के हैं, जिनमें से तीन कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले हैं. अमेरिकी सैन्य विमान 116 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर शनिवार देर रात अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा.
कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि पेहोवा के रहने वाले साहिल वर्मा के खिलाफ ‘लुकआउट नोटिस’ जारी किया गया था. सिंगला पर 14 मई, 2022 को तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आपराधिक धमकी और यौन अपराधों से बच्चों का सरंक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एक मुकदमा दर्ज था जिसमें वह वांछित था.