नयी दिल्ली. कांग्रेस ने गोल्ड लोन में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए मंगलवार को दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्मित संकट से घिरी हुई है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि फरवरी 2025 में रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चला कि गोल्ड लोन में 71.3 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है.
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भारत की अर्थव्यवस्था मोदी-निर्मित संकट से घिरी है. याद रखें कि 2024 तक, व्यापक और लगातार आर्थिक स्थिरता के परिणामस्वरूप केवल 5 वर्षों में स्वर्ण ऋण में 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. गोल्ड लोन का आकंड़ा पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार चला गया.” उन्होंने दावा किया, ”भारत की महिलाओं के लिए बुरी ख.बरें अब लगातार बढ़ती जा रही हैं. फरवरी 2025 में रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चला कि गोल्ड लोन में 71.3 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई. जबकि हर दूसरे क्षेत्र में बैंक ऋण धीमा हो गया है, आवास ऋण से लेकर कार ऋण तक, स्वर्ण ऋण जैसे संकटपूर्ण ऋण चरम पर हैं.”
रमेश के अनुसार, इतना ही नहीं, ”सिबिल-नीति आयोग” की एक रिपोर्ट से पता चला है कि महिलाओं को जारी किए गये सभी ऋण में गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत है, और अपने आभूषण बेचने के लिए मजबूर महिलाओं की संख्या केवल पांच वर्षों में 22 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है. उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार ने एक बार फिर अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में अपनी पूर्ण अक्षमता का प्रदर्शन किया है. भारत की महिलाएं इसकी कीमत चुका रही हैं.”
डेटा संरक्षण के नाम पर आरटीआई को सरकार कमजोर कर रही : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डेटा संरक्षण के नाम पर सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) को कमजोर कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आरटीआई को कमजोर नहीं होने देगी और ऐसे प्रयास के खिलाफ संसद से सड़क तक आवाज उठाएगी.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”एक तरफ. भ्रामक प्रचार और दुष्प्रचार में भारत पिछले वर्षों से शीर्ष स्थान पर आ रहा है, दूसरी तरफ. मोदी सरकार कांग्रेस-संप्रग द्वारा लागू किए गए सूचना का अधिकार कानून को, डेटा संरक्षण कानून लाकर कमज़ोर करने पर तुली हुई है.” उन्होंने कहा कि चाहे सार्वजनिक क्षेत्र की जानकारी जैसे राशन कॉर्ड की सूची, मनरेगा के लाभार्थी मज़दूर, जन-कल्याण की योजनाओं में शामिल लोगों के नाम, चुनाव में मतदाता सूची, या फ.रि सरकारी बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भागने वाले घोटालेबाज़ अरबपतियों के नाम हों…, ये सब जनता के लिए सार्वजनिक रूप से सामने होना ज़रूरी है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार डेटा संरक्षण के नाम पर आरटीआई को कमज़ोर कर रही है, जिससे ऐसे नाम अब सार्वजनिक नहीं हो पाएंगे.
खरगे ने कहा, ”निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और कांग्रेस ने उसके लिए लड़ाई लड़ी है, पर जहां जन कल्याण की बात आती है वहां सूचना का अधिकार जरूरी है. कांग्रेस के समय आए आरटीआई में भी निजता के अधिकार का ध्यान रखा गया था, पर इसका मतलब यह नहीं है कि लाभार्थी की सूची या घोटालेबाज़ों के नाम सार्वजनिक ना किए जाएं.” उन्होंने जोर दे कर कहा कि कांग्रेस पार्टी आरटीआई को कमज़ोर नहीं होने देगी. उन्होंने कहा ”हमने पहले भी इसके लिए आवाज़ उठाई है, और सड़क से संसद तक आवाज़ उठाते रहेंगे. इस तानाशाही सरकार से जन-जन के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए लड़ते रहेंगे.”