‘अग्निपथ’ योजना सेना की कार्यक्षमता और निपुणता से समझौता करने वाली है: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 14 Jun 2022 09:44 PM
‘अग्निपथ’ योजना सेना की कार्यक्षमता और निपुणता से समझौता करने वाली है: कांग्रेस

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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नयी ‘‘अग्निपथ योजना’’ शुरू किए जाने को सेना के तीनों अंगों की गरिमा और अनुशासन के साथ खिलवाड़ करार दिया और कहा कि सरकार का यह कदम सेना की कार्यक्षमता और निपुणता से समझौता करने वाला है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि चार साल के लिए ठेके पर भर्ती होने वाले युवाओं का भविष्य क्या होगा? उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मोदी सरकार भारतीय सेना की गरिमा – परंपरा – अनुशासन की परिपाटी से खिलवाड़ कर रही है. 4 साल के ठेके पर फौज में भर्ती देश की सुरक्षा के लिए सुखद संदेश नहीं है. चार साल की नौकरी के बाद भर्ती हुए युवाओं के भविष्य का क्या होगा? सुरजेवाला ने भर्ती के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘सैन्य विशेषज्ञों, तीनों सेनाओं के उच्चतम अधिकारियों व रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने मोदी सरकार की इस पूरी योजना पर गहन ंिचता जताई है. एक से अधिक सैन्य अधिकारियों व विशेषज्ञों ने कहा है कि मोदी सरकार का यह फैसला भारतीय सेना की गरिमा, परंपरा, जुड़ाव की भावना व अनुशासन की परिपाटी के साथ खिलवाड़ है.’’

उनके अनुसार, ‘‘ रक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि 4 साल के ठेके पर भर्ती देश की सुरक्षा के लिए उचित संदेश नहीं है. यह निर्णय कहीं न कहीं तीनों सेनाओं की कार्यक्षमता, निपुणता, योग्यता, प्रभावशीलता व सामर्थ्य से समझौता करने वाला है.’’ सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘जब हमारे एक तरफ पाकिस्तान की सीमा और दूसरी तरफ चीन की सीमा है तो क्या नियमित भर्ती पर पाबंदी लगाकर चार साल की ठेके की भर्ती करना देशहित में है? ’’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘चार साल के बाद 22 से 25 साल की उम्र में बगैर किसी अतिरिक्त योग्यता के ये युवा अपने भविष्य का निर्माण कैसे करेंगे? क्या यह सही नहीं कि 15 साल की सेवा के बाद जब सैनिक भी वापस घर लौटता है, तो उसे अधिकतर समय केवल बैंक में गार्ड या सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी ही मिल पाती है? तो ऐसे में चार साल की कॉन्ट्रैक्ट सेवा के बाद यह 23 से 25 साल का युवा क्या कर सकेगा?’’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वो नौजवान (भर्ती होने वाला) कौन होगा? आरएसएस का कार्यकर्ता होगा या भाजपा का कार्यकर्ता होगा. यह देखने की बात है. लोग बेरोजगारी से परेशान हैं और यह नया शिगूफा छोड़ दिया गया. अब समय बताएगा कि इनका रवैया क्या है.’’ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि जवानों को बंदूक चलाना सिखा दो और समाज में छोड़ दो. क्या करना चाहते हैं? यदि सेना में भर्ती कर रहे हैं तो उसे 35 साल की उम्र तक रखिए. आपकी नीयत में खोट है. यह नौजवानों को भटकाने की कोशिश हो रही है.’’ केंद्र सरकार ने मंगलवार को थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए एक नयी ‘अग्निपथ योजना’ का ऐलान किया. इसके तहत बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी, जिन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा.

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