भारत की संप्रभुता की रक्षा में कोई सीमा बाधा नहीं बनेगी: राजनाथ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 08 May 2025 10:18 PM
भारत की संप्रभुता की रक्षा में कोई सीमा बाधा नहीं बनेगी: राजनाथ
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के व्यापक संघर्ष का रूप अख्तियार करने की आशंकाओं के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की संप्रभुता की रक्षा में कोई भी सीमा बाधा नहीं बनेगी और राष्ट्र ऐसी प्रतिक्रियाओं के लिए पूरी तरह से तैयार है.

राजनाथ की यह टिप्पणी रक्षा मंत्रालय के उस बयान के कुछ ही देर बाद आई, जिसमें कहा गया था कि सशस्त्र बलों ने बुधवार रात उत्तरी और पश्चिमी भारत में 15 जगहों पर मिसाइल और ड्रोन के जरिये हमला करने की पाकिस्तानी सेना की कोशिश नाकाम कर दी तथा लाहौर में एक पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया. भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए.

राजनाथ ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी शिविर नष्ट कर दिए गए और बड़ी संख्या में आतंकवादी मार गिराए गए.” उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ही अत्यंत संयम बरतते हुए एक जिम्मेदार राष्ट्र की भूमिका निभाई है और वह बातचीत के जरिये मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखता है.

रक्षा मंत्री ने कहा, “हालांकि, अगर कोई इस संयम का फायदा उठाने की कोशिश करेगा, तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.” उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि भारत की संप्रभुता की रक्षा की दिशा में कोई भी सीमा बाधा नहीं बनेगी. राजनाथ ने कहा, “हम भविष्य में भी इस तरह की प्रतिक्रियाओं का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.” उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को “अकल्पनीय” सटीकता के साथ अंजाम दिया.

रक्षा मंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक इसलिए अंजाम दिया जा सका, क्योंकि हमारे शक्तिशाली और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित सशस्त्र बल उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों से लैस थे.” उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम देने में दिखाए गए साहस और वीरता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की तारीफ की.

राजनाथ ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किसी “निर्दोष नागरिक” को नुकसान पहुंचाए बिना और “न्यूनतम जनहानि” सुनिश्चित करते हुए जिस “सटीकता” से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, वह “अकल्पनीय तथा राष्ट्र के लिए गौरव की बात” है. पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ बहावलपुर सहित कई आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए.

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों और इसकी साजिश रचने वालों को न्याय के दायरे में लाने के लिए “नपी-तुली, टकराव को नहीं बढ़ाने वाली और संतुलित एवं जिम्मेदाराना” कार्रवाई की, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए “कोई ठोस कदम” नहीं उठाया गया है.

मिसरी ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की पहचान ऐसे कई उदाहरणों पर आधारित है, जिनके बारे में ठोस सबूत न केवल भारत के पास, बल्कि दुनिया भर की सरकारों और प्राधिकारियों के पास भी उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा, “दुनियाभर में कई आतंकवादी हमले हुए हैं, जिनमें पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत मिले हैं. मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन को कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था.”

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