नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस घोषण पर पूरी तरह चुप हैं कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी शुल्क हटाने की पेशकश की है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”वाणिज्य मंत्री वाशिंगटन डीसी में हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहा से एक और बड़ी घोषणा की है. हमारे प्रधानमंत्री पूरी तरह चुप हैं. उन्होंने क्या सहमति दी है? और ऑपरेशन सिंदूर को रोकने से इसका क्या संबंध है?”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कतर में दावा किया कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर सभी शुल्क हटाने की पेशकश की है. उन्होंने व्यापार गोलमेज सम्मेलन में यह भी कहा कि उन्हें एप्पल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टिम कुक के साथ ”थोड़ी समस्या” है और उन्होंने कुक से कहा है कि वह नहीं चाहते कि वह भारत में आईफोन बनाएं.
ट्रंप के दावों पर सरकार में उच्चतम स्तर पर स्पष्टीकरण दिया जाए: पायलट
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को सरकार की ओर से उच्चतम स्तर पर खारिज करते हुए स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच ”अमेरिकी मध्यस्थता” और आतंकवाद के बजाय कश्मीर मुद्दे को उछालना कभी स्वीकार नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने के साथ ही देशहित की बात करनी चाहिए और यह समझना चाहिए तिरंगा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री पायलट ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह सभी के लिए हैरानी की बात थी कि संघर्षविराम की घोषणा किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के द्वारा की गई…यह बात सही है कि पर्दे के पीछे की कूटनीति या बातचीत की परंपरा रही है, लेकिन यहां व्यापार सौदे के लालच और धमकी के आधार पर संघर्ष विराम की मध्यस्थता का श्रेय लिया गया. यह बहुत चौंकाने वाला था.” उनका कहना था कि भारत जैसे देश के लिए अस्वीकार्य है कि उसे यह बताया जाए कि सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी तो व्यापार रोका जाएगा या बढ.ाया जाएगा.
पायलट ने इस बात पर जोर दिया कि पहलगाग आतंकी हमला भारत पर हमला था और भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया.
कांग्रेस नेता के अनुसार, यह चिंताजनक बात है कि अमेरिका की तरफ से आतंकवाद को लेकर कुछ नहीं कहा गया और बिना किसी कारण के कश्मीर मुद्दे का उल्लेख कर दिया गया. उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर बातचीत पर जोर दिया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है. पायलट ने कहा कि अमेरिका की तरफ से जो दावे किए गए हैं, उनको खारिज करते हुए सरकार में उच्चतम स्तर पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान एक विफल राष्ट्र है, वहां एक ऐसी सरकार है जिसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है…ऐसे में भारत और पाकिस्तान समान रूप पेश करने का प्रयास करना सकारात्मक संकेत नहीं है. भारत सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”हमने संसद के विशेष सत्र की मांग की है ताकि इन सभी मुद्दों को वहां रखा जा सके. भारतीय संसद से बड़ा कोई मंच नहीं है जहां से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोला जाए और इस बात को दोहराए जाए कि पीओके भारत का हिस्सा है.” उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर इसका विश्लेषण होना चाहिए कि कहां कमी रह गई क्योंकि खामियों को दूर करके ही इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है.
पायलट ने 1962 के युद्ध के समय संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने का हवाला देते हुए कहा कि आज भी विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है ताकि एकजुटता का संकल्प और दुनिया को एक संदेश दिया जा सके. कांग्रेस की प्रस्तावित ‘जयहिंद सभा’ को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने जो पराक्रम दिखाया है, पाकिस्तान के मंसूबों को जिस तरह से ध्वस्त किए हैं, उसकी सभी सराहना करते हैं, लेकिन कश्मीर, मध्यस्थता और अमेरिकी दखल को लेकर जो गंभीर सवाल उठे हैं उस पर कांग्रेस की तरफ से जवाब मांगा जाएगा.