दरभंगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू होने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने बिहार के दरभंगा में आंबेडकर छात्रावास में कांग्रेस के ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत की.
उन्होंने कहा, ” कांग्रेस देश के निजी शिक्षण संस्थानों में भी आरक्षण लागू करने की मांग करती है. हम इस संबंध में सरकार पर दबाव बनाएंगे… हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक यह हासिल नहीं हो जाता.” गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, ” यह सरकार दलितों, अति पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के खिलाफ है.” उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र राष्ट्रव्यापी जातिगत गणना के लिए ‘तेलंगाना मॉडल’ का पालन करे.
कांग्रेस नेता ने कहा, ”केंद्र को यह काम उसी तरह करना चाहिए जिस तरह तेलंगाना सरकार ने किया है.” आंबेडकर छात्रावास में छात्रों से बातचीत करने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गांधी परिसर में घुसने में कामयाब रहे और उन्होंने छात्रों से बातचीत की.
उन्होंने कहा, ” बिहार पुलिस ने मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन वह मुझे रोक नहीं सकी क्योंकि देश के युवा मेरे साथ हैं.”
प्रधानमंत्री मोदी डर के कारण जातिगत गणना के लिए सहमत हुए: राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की वंचित आबादी के डर से जातिगत गणना कराने पर सहमत हुए हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह टिप्पणी बिहार के दरभंगा जिले में छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में की. स्थानीय प्रशासन ने कांग्रेस नेता को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुआ.
रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने कहा, ” जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मेरी कार को (मिथिला विश्वविद्यालय के) गेट पर रोक दिया गया. लेकिन मैंने हार नहीं मानी. मैं बाहर निकला और एक घुमावदार रास्ते से पैदल यहां आ गया.” उन्होंने बिहार में जन संपर्क कार्यक्रम ‘शिक्षा न्याय संवाद’ की शुरुआत की. राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. गांधी ने विश्वविद्यालय के आंबेडकर छात्रावास में यह बात कही, जहां प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”आपको पता है कि बिहार की सरकार मुझे क्यों नहीं रोक सकी? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आपमें जो ऊर्जा का भंडार है मैं भी उससे ऊर्जावान हुआ हूं. यही वह ऊर्जा है जिसके आगे नरेन्द्र मोदी को झुकना पड़ा.” गांधी ने दावा किया, ” हमने मोदी से कहा कि आप संविधान को अपने माथे से लगाएं और उन्होंने ऐसा किया. हमने उनसे यह भी कहा था कि आपको जातिगत गणना करानी होगी. दोनों अवसरों पर मोदी ने आप लोगों की प्रतिक्रिया के डर से हमारी मांगों को स्वीकार कर लिया.”
उन्होंने कहा,” लेकिन तथ्य यह है कि उनकी सरकार अंबानी, अदाणी और उनके जैसे लोगों के हितों की रक्षा करती है. यह व्यवस्था पांच प्रतिशत आबादी के लाभ के लिए काम कर रही है. दलितों, ओबीसी और आदिवासियों की कोई सुनवाई नहीं है, चाहे वह सरकार हो, कॉर्पोरेट जगत हो या फिर मीडिया हो.” उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे विचलित न हों और तीन मांगों पर ध्यान केंद्रित करें – तेलंगाना (कांग्रेस शासित) में किए गए सर्वेक्षण की तर्ज पर एक प्रभावी जातिगत गणना, निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आरक्षण और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए उप-योजना के लिए आवंटित धनराशि जारी करवाना.
उन्होंने कहा, ”आप राजग से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते लेकिन आश्वस्त रहें कि जब हम सत्ता में आएंगे चाहे वह बिहार में हो या केंद्र में, तो आपके हितों का ध्यान रखा जाएगा.” राहुल गांधी ने पोलो टी-शर्ट और कार्गो पैंट पहनी हुई थी और जब अपने भाषण के अंत में उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर की तस्वीर ऊपर उठाई तो भीड़ ‘जय भीम’ के नारे लगाने लगी.