दीर अल-बलाह. गाज़ा पट्टी में इज़राइल के हमलों में बुधवार को कम से कम 82 लोग मारे गए जिनमें एक सप्ताह का बच्चा भी शामिल है. गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय और क्षेत्र के अस्पतालों ने यह जानकारी दी. इज़राइल के आक्रमण बढ़ाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजग़ी के बीच ये हमले हुए हैं. दक्षिणी शहर में इज़राइली हमलों में 24 लोग मारे गए, जिनमें से 14 एक ही परिवार के थे. मध्य गाजा में एक सप्ताह के शिशु की मौत हो गई. इजरायल ने हाल में संभावित विस्तारित आक्रमण के मद्देनजर खान यूनिस में निकासी के नए आदेश दिए थे.
इज़राइली सेना ने हमलों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वह हमास के ठिकानों को निशाना बना रहा है और उसने हमास के चरमपंथियों पर नागरिक क्षेत्रों से गतिविधियां चलाने का आरोप लगाया. गाज़ा में युद्ध उस वक्त शुरू हुआ जब हमास के नेतृत्व वाले चरमपंथियों ने दक्षिणी इज़राइल पर हमला किया, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और उसने 251 अन्य का अपहरण कर लिया.
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइल के जवाबी हमले ने गाज़ा के बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है, जिसमें 53,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं और इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. हालांकि मंत्रालय अपनी गणना में नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता है. इस बीच फलस्तीनी प्राधिकरण ने बताया कि इज़राइल के कब्जे वाले पश्चिमी तट के जेनिन शहर में राजनयिकों के एक समूह के दौरे के दौरान गोलीबारी की घटना हुई.
जब गोलियां चलीं, तब राजनयिक जेनिन में मानवीय स्थिति का निरीक्षण करने के आधिकारिक मिशन पर थे. इज़राइली सेना ने गोलीबारी पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. नाम न बताने के अनुरोध पर एक सहायताकर्मी ने बताया कि करीब 20 राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल को फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जेनिन में स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही थी. क्षेत्रीय, यूरोपीय और पश्चिमी राजनयिकों का समूह जेनिन शरणार्थी शिविर के प्रवेश द्वार के पास खड़ा था, जब उन्होंने दोपहर करीब दो बजे गोलियां चलने की आवाज सुनी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि गोलियां कहां से चलीं.
जिस वक्त समूह के नजदीक से गोलियां चलीं, फुटेज में कई राजनयिकों को मीडिया को साक्षात्कार देते हुए देखा जा सकता है, , जिससे वे भागने लगे. जेनिन इस वर्ष की शुरुआत से ही पश्चिमी तट के चरमपंथियों के विरुद्ध इज़राइल की व्यापक कार्रवाई का स्थल रहा है.
उत्तर गाजा के दो अस्पतालों को इजराइली बलों ने घेरा: कर्मचारी
इजराइल के सुरक्षा बलों ने उत्तर गाजा में दो अस्पतालों की घेराबंदी कर ली है. वे इन दोनों अस्पतालों से न किसी को बाहर आने दे रहे हैं और न ही किसी को अंदर जाने दे रहे हैं. उत्तर गाजा में सिर्फ यही दो अस्पताल बचे हैं जो रोगियों के लिए सहारा हैं. इजराइल ने यह कार्रवाई तबाह फलस्तीनी क्षेत्र पर नए सिरे से अपने हमले करने के बीच की है. इंडोनेशियाई अस्पताल और अल-अवदा अस्पताल इस क्षेत्र के कार्यरत चिकित्सा केन्द्रों में से हैं.
चरमपंथी समूह हमास पर और बंधकों को रिहा करने के लिए दबाव बनाने की मंशा से किए गए हमलों से पहले इजराइली अधिकारियों ने शुक्रवार को उत्तरी गाजा के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश दिया था. इसके बाद मंगलवार को नए निकासी आदेश जारी किए गए. दोनों अस्पताल तथा एक अन्य और तीन प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र निकासी क्षेत्र के भीतर हैं. हालांकि इजराइल ने इन चिकित्सा केंद्रों को खाली करने का आदेश नहीं दिया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने कहा कि अन्य दो अस्पताल और चार प्राथमिक देखभाल केंद्र इस क्षेत्र के 1,000 मीटर के दायरे में हैं. उन्होंने कहा कि इजराइली सैन्य अभियान और निकासी आदेश के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है. अल-अवदा अस्पताल के बोर्ड सदस्य रमी शुराफी ने कहा कि इजराइल ”इस क्षेत्र से लोगों का जबरन विस्थापन सुनिश्चित करना चाहता है.” अल-अवदा अस्पताल परिसर और उसकी एम्बुलेंस पर सोमवार से हमले शुरू हो गए.
इंडोनेशियाई अस्पताल को इजराइली सैनिकों ने घेर लिया है, जो अस्पताल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तैनात हैं. अस्पताल की मदद करने वाले एक सहायता समूह ने बताया कि रविवार से ड्रोन ऊपर मंडरा रहे हैं और हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं. इजराइली सेना ने कहा कि उसके सैनिक अस्पताल के आसपास कार्रवाई कर रहे हैं और हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन सैनिकों ने अस्पताल में प्रवेश नहीं किया है और एम्बुलेंसों को जाने की अनुमति दी गई है. सहायता समूह एमईआरसी-इंडोनेशिया और अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार, इजराइली बुलडोजरों ने अस्पताल की परिधि की दीवार को ध्वस्त कर दिया.
मंगलवार को हवाई हमलों में अस्पताल के जनरेटर को निशाना बनाया गया, जिससे आग लग गई और इसकी मुख्य बिजली आपूर्ति को नुकसान पहुंचा. एमईआरसी-इंडोनेशिया द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो के अनुसार, हमलों से अस्पताल की पानी की आपूर्ति को भी नुकसान पहुंचा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हमलों में कम से कम एक कर्मचारी की मौत हो गई. इसने कहा कि अस्पताल में बचे हुए लोगों को पानी और भोजन की तत्काल आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वह शेष रोगियों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने के लिए काम कर रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं पर सैकड़ों हमले हुए हैं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उत्तरी गाजा के अस्पताल पर पूरी तरह से बंद होने का गंभीर खतरा है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने चरमपंथी समूह हमास के खिलाफ इजराइल के 19 महीने के युद्ध की शुरुआत के बाद से गाजा में स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर लगभग 700 हमलों का दस्तावेजीकरण किया है.