भुवनेश्वर. ओडिशा पुलिस ने चिटफंड के जरिए पांच राज्यों और बांग्लादेश में करीब 34,000 लोगों को ठगने के आरोप में कोलकाता से एक महिला और उसकी बेटी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा से जुड़ी आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को सॉल्ट लेक से द्विपिका भंजो और उसकी बेटी तंद्रा भंजो को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर भुवनेश्वर ले कर आई. इस मामले में द्वीपिका के पति तुषार भंजो को जून 2024 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है.
ईओडब्ल्यू ने भुवनेश्वर स्थित एक निवेशक की शिकायत मिलने के बाद पिछले साल 28 मई को हरित कृषि निधि लिमिटेड और ट्रांसविजन ड्रीम मल्टी ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड तथा दोनों कंपनियों के निदेशक तुषार के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम ब्रांच) विनयतोष मिश्रा ने कहा कि तुषार ने 2023 में हरित कृषि निधि लिमिटेड की स्थापना की थी और इसे पश्चिम बंगाल में शुरू किया था.
अधिकारी ने बताया कि लेकिन निधि नियमों का उल्लंघन करते हुए उसने अन्य राज्यों में कार्यालय खोले और ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ., असम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और यहां तक कि बांग्लादेश से भी, लगभग 34,000 निवेशकों से 123 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की. नियमों का उल्लंघन करते हुए, उसने निवेशकों को अधिक रिटर्न देने का वादा करके चिटफंड योजना चलाई तथा नए निवेशकों को जोड़ने के लिए पर्याप्त कमीशन देने का वादा भी किया.
अधिकारी ने कहा कि यह पाया गया कि निधि कंपनी के खातों से 43.67 लाख रुपये तंद्रा के निजी खाते में स्थानांतरित किए गए और कंपनी के खातों से 41 लाख रुपये द्विपिका के निजी खाते में जमा किए गए. उन्होंने बताया कि द्विपिका निधि फर्म की शुरुआती निदेशक थी, जिसके पास 1,000 शेयर थे. उन्होंने कहा, “हम द्विपिका और तंद्रा की तलाश कर रहे थे, लेकिन वे फरार थीं. हमने आखिरकार मंगलवार को कोलकाता से मां-बेटी को गिरफ्तार कर लिया.”