हैदराबाद/संगारेड्डी. तेलंगाना के पशम्यलारम में सिगाची इंडस्ट्रीज के संयंत्र में विस्फोट में मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 38 हो गई. कंपनी ने संयंत्र में पुरानी मशीनरी के इस्तेमाल के आरोपों के बीच एक करोड़ रुपये मुआवजे की घोषणा की है. दुर्घटना स्थल पर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि 11 लोग अब भी लापता हैं. मंत्री ने आगे कहा कि यद्यपि अधिकांश मलबा साफ कर दिया गया है, लेकिन कोई मानव अवशेष नहीं मिला है. सांगारेड्डी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) परितोष पंकज ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हो गयी.
शेयर बाजारों को दी सूचना में सिगाची ने कहा कि उसके संयंत्र में हुए घातक विस्फोट में 40 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि इसके कुछ घंटों बाद सिगाची के प्रबंध निदेशक और सीईओ अमित राज सिन्हा ने मीडियार्किमयों से कहा, ”ऐसा लगता है कि कुछ ज़्यादा ही संख्या बतायी गई है. मेरा मानना ??है कि अभी मरने वालों की संख्या 38 है.” कंपनी ने पुरानी मशीनरी के इस्तेमाल से भी इनकार किया है. कंपनी ने मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है.
कंपनी ने पहले बयान में कहा था, ”बेहद दुख के साथ हम तेलंगाना के पशम्यलारम में सिगाची इंडस्ट्रीज के संयंत्र में हुई दुर्घटना का विवरण साझा कर रहे हैं. इस दुर्घटना में हमारी टीम के 40 अहम सदस्यों की मौत हो गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए.” सिन्हा ने बाद में स्पष्ट किया कि मरने वालों की संख्या 38 है. इस बीच, कंपनी के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है कि सिगाची पुरानी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही थी और श्रमिकों को इसे चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा था.
हताहतों में से एक के परिवार के सदस्य की शिकायत के आधार पर संगारेड्डी पुलिस ने सोमवार को विस्फोट के सिलसिले में फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की. प्राथमिकी में कहा गया है,”शिकायतकर्ता के पिता और सिगाची कंपनी के अन्य कर्मचारियों ने सिगाची कंपनी प्रबंधन को कई बार मशीनरी बदलने के बारे में सूचित किया क्योंकि वे बहुत पुरानी हो चुकी हैं और खतरे की पूरी संभावना है .” प्राथमिकी में कहा गया है, ” लेकिन कंपनी प्रबंधन ने उन अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया और उन्होंने पुरानी मशीनरी का उपयोग जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप यूनिट में विस्फोट हुआ. जवाब में, अमित राज सिन्हा ने आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि फैक्टरी पुरानी है, लेकिन मशीनरी नहीं.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”फैक्टरी पुरानी है, लेकिन कोई पुराना उपकरण नहीं हो सकता जो चल सके और उत्पादकता दे सके. इसलिए, हर बार नवीनीकरण होता है. कुल मिलाकर, आप मोटर बदलते हैं, आप चलने वाले उपकरण बदलते हैं, क्योंकि अन्यथा यह नहीं चलेगा. यह कहना बहुत गलत है कि पुराने उपकरण चल रहे थे.” उन्होंने कहा कि कंपनी घायलों के चिकित्सा व्यय का ध्यान रख रही है.
इस बीच, मंत्री राजा नरसिम्हा ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सरकारी मदद का आश्वासन दिया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने अधिकारियों को मृतकों और लापता लोगों के परिवार को भोजन और आश्रय प्रदान करने का भी निर्देश दिया. तेलंगाना अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी के पास विभाग से कोई एनओसी नहीं है.
उन्होंने कहा कि संयंत्र में ‘फायर अलार्म’ और ‘हीट सेंसर’ सहित कोई भी पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे.
हालांकि, विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिस इमारत में संयंत्र स्थित था, उसकी ऊंचाई एनओसी प्राप्त करने के लिए आवश्यक नहीं थी. कारखाना विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यद्यपि वास्तविक कारण की अभी जांच की जा रही है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि विस्फोट इकाई के ‘ड्रायर’ में अत्यधिक दबाव बनने के कारण हुआ.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकार सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधन से बातचीत कर विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि गंभीर रूप से घायल लोगों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि घायल, लेकिन कुछ समय बाद काम पर लौट सकने वाले मजदूरों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे.