सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकतर बैंकों ने बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि शुल्क हटा दिया: सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 11 Aug 2025 08:05 PM
सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकतर बैंकों ने बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि शुल्क हटा दिया: सरकार
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नयी दिल्ली/मेहसाणा. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि ज्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने सामान्य बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि पर लगने वाले शुल्क हटा दिए हैं, जबकि कुछ ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इसे युक्तिसंगत बनाया है.

आरबीआई के निर्देशानुसार, बुनियादी बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए) में न्यूनतम शेष राशि रखने की कोई आवश्यकता नहीं है. प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत, बैंकों को बिना किसी न्यूनतम शेष राशि की आवश्यकता के खाते खोलने होते हैं. चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि बीएसबीडीए खातों में जमा, निकासी, एटीएम और कार्ड जैसी कुछ बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं बिना किसी शुल्क के प्रदान की जाएंगी.

एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए, चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र की गतिविधियों और प्रदर्शन की निरंतर निगरानी करता है. उन्होंने बताया कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, माइक्रोफाइनेंस के भुगतान में चूक में वृद्धि का कारण आम तौर पर उधारकर्ताओं के बीच ऋणग्रस्तता में वृद्धि या अधिक ऋण लेना, संयुक्त देयता समूह संरचनाओं का कमजोर होना, प्राकृतिक आपदाएं आदि हैं.

बैंक बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि तय करने के लिए स्वतंत्र: आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को कहा कि बैंक बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि तय करने के लिए स्वतंत्र हैं और यह आरबीआई के नियामक अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. वह गुजरात के मेहसाणा जिले के गोजरिया ग्राम पंचायत में वित्तीय समावेश पर आयोजित एक समारोह के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही.

एक निजी बैंक के बचत खातों के लिए जरूरी न्यूनतम शेष राशि बढ़ाने के बारे में पूछने पर मल्होत्रा ने कहा, ”आरबीआई ने न्यूनतम शेष राशि तय करने का निर्णय प्रत्येक बैंक पर छोड़ दिया है. कुछ बैंकों ने इसे 10,000 रुपये रखा है, कुछ ने 2,000 रुपये रखा है और कुछ ने (ग्राहकों को) इससे छूट दी है. यह (आरबीआई के) नियामक अधिकार क्षेत्र में नहीं है.” आईसीआईसीआई बैंक ने एक अगस्त से नए बचत खाते खोलने वालों के लिए न्यूनतम शेष राशि की सीमा बढ़ा दी है.

बैंक की वेबसाइट के अनुसार, बचत बैंक खाते में न्यूनतम औसत मासिक शेष राशि (एमएबी) पांच गुना बढ़ाकर 10,000 रुपये से 50,000 रुपये कर दी गई है. यह राशि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पांच गुना बढ़ाकर क्रमश? 25,000 रुपये और 10,000 रुपये की गई है. दूसरी ओर भारतीय स्टेट बैंक ने बचत खाताधारकों को न्यूनतम शेष राशि न रखने पर दंडित नहीं करने का फैसला किया है.
मल्होत्रा ने कार्यक्रम में कहा कि नए युग में सफलता के लिए डिजिटल साक्षरता बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ”पहले कहा जाता था कि अगर आप पढ़ाई नहीं करेंगे, तो आप तरक्की नहीं कर पाएंगे. आज के युग में डिजिटल साक्षरता के लिए भी यही बात लागू होती है. अगर आपके पास डिजिटल साक्षरता नहीं है, तो आप प्रगति नहीं कर पाएंगे.” आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जो भी फैसले लिए जाएं, उनका फायदा समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना लगभग 10-11 साल पहले इसी उद्देश्य से शुरू की गई थी, ताकि सभी को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच मिल सके. बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) देवदत्त चंद ने इस कार्यक्रम में कहा कि जन-धन खातों के लिए ‘अपने ग्राहक को जानें’ (केवाईसी) को नियमित रूप से अद्यतन करना जरूरी है.

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