बिहार में SIR के जरिए वोटों में हेरफेर की साजिश रच रही है भाजपा: अखिलेश यादव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 12 Aug 2025 09:15 PM
बिहार में SIR के जरिए वोटों में हेरफेर की साजिश रच रही है भाजपा: अखिलेश यादव
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रांची/कोलकाता. समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए वोटों में हेरफेर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. यादव झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए हैं. वह रामगढ़ जिले में सोरेन के पैतृक गांव नेमरा रवाना हो गए. शिबू सोरेन का चार अगस्त को निधन हो गया था.

रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद यादव ने संवाददाताओं से कहा, ”भाजपा का सबसे बड़ा काम बुनियादी सवालों के जवाब न मिलने पर षड्यंत्र रचना है. जब उन्हें एहसास हुआ कि बिहार की जनता उनके खिलाफ है, तो उन्होंने एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर वोटों में हेरफेर करने की साजिश रची.” उन्होंने कहा कि अगर एसआईआर की वाकई ज़रूरत होती, तो इसे एक साल पहले कराया जा सकता था. बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है.

यादव ने आरोप लगाया, ”भाजपा पहले लोगों के अधिकारों को छीनती थी. अब वे वोटों में हेराफेरी कर रहे हैं. वे वोट देने का अधिकार भी छीनना चाहते हैं.” सपा प्रमुख ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ”वोट चोरी” के उनके आरोप के समर्थन में हलफनामा क्यों मांगा.

यादव ने कहा, ”लगभग दो साल पहले, समाजवादी पार्टी ने बताया था कि 2019 (लोकसभा चुनाव) में 18,000 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे. जब 2022 (उत्तर प्रदेश विधानसभा) चुनाव हुए, तो उन मतदाताओं के नाम हटाए गए. हमने एक हलफनामे के साथ सबूत दिए और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.” यादव झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए कार से नेमरा गांव के लिए रवाना हुए.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”शिबू सोरेन जल, जंगल, जमीन से गहराई से जुड़े नेता थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासियों, पीड़ितों और वंचित समुदायों के उत्थान के लिए सर्मिपत कर दिया.” यादव ने कहा कि वह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेंगे. सपा अध्यक्ष ने कहा, ”हेमंत सोरेन जी को न केवल शिबू सोरेन की विचारधारा, बल्कि उनके लंबे और संघर्षपूर्ण जीवन का अनुभव भी विरासत में मिला है. मुझे उम्मीद है कि हेमंत सोरेन उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे और इस राज्य के नागरिकों को समृद्ध बनाने के लिए काम करेंगे.”

अगर मतदाता सूची में विसंगतियां हैं तो प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए: अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि अगर निर्वाचन आयोग कहता है कि मतदाता सूची में विसंगतियां हैं, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल को इस्तीफा दे देना चाहिए तथा लोकसभा को भंग कर दिया जाना चाहिए.

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, ”निर्वाचन आयोग चुनिंदा तौर पर यह नहीं कह सकता कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में मतदाता सूची ठीक है, लेकिन पश्चिम बंगाल, बिहार या तमिलनाडु में ये ठीक नहीं है.” उन्होंने कहा, ”अगर मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जाता है, तो यह पूरे देश में किया जाना चाहिए. इसके लिए पहला कदम प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का इस्तीफा होना चाहिए तथा लोकसभा को भंग किया जाना चाहिए.” टीएमसी नेता ने दावा किया कि अगर मौजूदा सरकार उसी मतदाता सूची के आधार पर चुनी गई है, तो केंद्र सरकार की वैधता अमान्य है. देश में लोकसभा चुनाव 2024 के मध्य में हुए थे.

बनर्जी ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ”अगर निर्वाचन आयोग कह रहा है कि मतदाता सूची में विसंगतियां हैं… तो लोकसभा को भंग कर देना चाहिए और फिर पूरे देश में एसआईआर किया जाना चाहिए.” बनर्जी ने कहा कि इसी मतदाता सूची के जरिए देश के प्रधानमंत्री चुने गए और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 240 से अधिक लोकसभा सदस्य चुने गए.

उन्होंने कहा, ”इस मतदाता सूची के आधार पर चुने गए सांसद देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को भी चुनेंगे.” बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार में एसआईआर इसलिए करवाया जा रहा है, क्योंकि उसे पता है कि अगर लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, तो वे इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में हार जाएंगे.

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