नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी एवं केंद्र सरकार राष्ट्रपति चुनाव में संख्या बल जुटाने के मकसद से महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी सरकार को अस्थिर करने का ‘खेल’ कर रही हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि शिवसेना नेता संजय राउत ने महा विकास आघाड़ी सरकार से उनकी पार्टी के बाहर निकलने की संभावना संबंधी बयान इसलिए दिया होगा ताकि उनके विधायक वापस लौटकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के समक्ष अपनी बात रख सकें.
खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा महाराष्ट्र की सरकार गिराने के लिए बहुत कोशिश कर रही है. शिवसेना के विधायकों को पहले सूरत और फिर गुवाहाटी ले जाया गया. यह भाजपा का खेल है. महा विकास आघाड़ी सरकार एक मजबूत सरकार है, लेकिन भाजपा उसे अस्थिर करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा चाहती है कि गैर भाजपा कोई भी सरकार अस्तित्व में नहीं रहे. राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें संख्या बल की जरूरत है. इस कारण वे इस चुनाव के समय भी सरकार गिराना चाहते हैं. इस स्थिति के लिए केंद्र और भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम कांग्रेस पार्टी की ओर से कहना चाहते हैं कि हम तीनों मिलकर रहेंगे और महा विकास आघाड़ी को मजबूत करेंगे. इसलिए जो जरूरत होगी, हम वो करेंगे.’’ संजय राउत के बयान पर खड़गे ने कहा, ‘‘हो सकता है कि उन्हें अपनी बात पहुंचाने के लिए ऐसा किया हो. महा विकास आघाड़ी सरकार महाराष्ट्र के विकास के लिए बनी है. यह सरकार विकास कर रही है. अगर वो लोग (शिवसेना के बागी विधायक) वापस आएंगे तो मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे.’’
गौरतलब है कि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बीच, पार्टी सांसद संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर असम में डेरा डाले हुए बागी विधायकों का समूह 24 घंटे में मुंबई लौटता है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ मामले पर चर्चा करता है तो शिवसेना महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार छोड़ने के लिए तैयार है.
इससे पहले, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर है. हम अपने महाराष्ट्र के साथियों के साथ संपर्क में है. हमे भरोसा है कि स्थिर सरकार को गिराने और राज्य को अस्थिरता में ले जाने की भाजपा की मंशा सफल नहीं होगी.’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसे समय जब (असम में) बाढ़ आई हुई है, किसान और नौजवान परेशान हैं, कई जगहों पर भ्रष्टाचार है, तब भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.’’ गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना के कई विधायकों की बगावत करने के बाद राज्य में महा विकास आघाड़ी सरकार संकट में आ गई है. कांग्रेस भी इस सरकार का हिस्सा है.