वक्फ पर न्यायालय का आदेश ‘विकृति मंशा’ को नाकाम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा: कांग्रेस

Author: navabharat digital
UPDATED: Mon, 15 Sep 2025 03:46 PM
वक्फ पर न्यायालय का आदेश ‘विकृति मंशा’ को नाकाम करने में महत्वपूर्ण साबित होगा: कांग्रेस
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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने वक्फ अधिनियम से संबंधित उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि यह संशोधित कानून में अंर्तिनहित ‘विकृति मंशा’ को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि न्यायालय का यह फैसला न्याय, समानता और बंधुता के संवैधानिक मूल्यों की जीत के साथ ही संयुक्त संसदीय समिति में शामिल रहे उन सांसदों की भी जीत है जिन्होंने असहमति के नोट दिए थे।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के कई महत्वपूर्ण प्रावधानों पर रोक लगा दी जिनमें यह प्रावधान भी शामिल है कि पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन कर रहे लोग ही वक्फ बना सकते हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने पूरे कानून पर स्थगन से इनकार कर दिया।

न्यायालय ने वक्फ संपत्तियों की स्थिति पर निर्णय करने के लिए जिलाधिकारी को दी गई शक्तियों पर भी रोक लगा दी और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम भागीदारी के विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि केंद्रीय वक्फ परिषद में 20 में से चार से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए, और राज्य वक्फ बोर्डों में 11 में से तीन से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर आज उच्चतम न्यायालय का आदेश न केवल उन पार्टियों के लिए एक बड़ी जीत का प्रतिनिधित्व करता है जिन्होंने संसद में इस मनमाने कानून का विरोध किया था, बल्कि संयुक्त संसदीय समिति के उन सभी सदस्यों के लिए भी यह जीत है, जिन्होंने विस्तृत असहमति नोट प्रस्तुत किए थे। उनके नोट को उस समय नजरअंदाज कर दिया गया था, लेकिन अब यह सही साबित हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि यह आदेश मूल क़ानून में अंर्तिनहित ‘विकृति मंशा’ को विफल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों के वकीलों ने तर्क दिया था कि कानून के परिणामस्वरूप एक ऐसी संरचना का निर्माण होगा जहां कोई भी और हर कोई कलेक्टर के समक्ष संपत्ति की स्थिति को चुनौती दे सकता है, और ऐसी मुकदमेबाजी के दौरान संपत्ति की स्थिति अधर में लटक जाएगी।’’

रमेश ने कहा, ‘‘पांच वर्षों तक इस्लाम धर्म का पालन करने वाला ‘मुस्लिम’ ही संपत्ति को वक्फ कर सकता है। इन धाराओं के पीछे का इरादा हमेशा स्पष्ट था कि मतदाताओं को भड़काए रखना और धार्मिक विवादों को भड़काने वालों को इसमे शामिल करने के लिए एक प्रशासनिक ढांचा तैयार करना।’’

उन्होंने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए इस बात का उल्लेख किया कि जिलाधिकारी की शक्तियों पर रोक लगा दी गई, मौजूदा वक्फ संपत्तियों को संदिग्ध चुनौतियों से बचाया गया और और मुस्लिम होने का सबूत देने की आवश्यकता वाले प्रावधान पर तब तक के लिए रोक लगा दी जब तक कि नियम नहीं बन जाते। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम न्याय, समानता और बंधुता के संवैधानिक मूल्यों की जीत के रूप में इस आदेश का स्वागत करते हैं।’’

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