लद्दाख में हुई हिंसा में राजनीति और निजी लाभ से प्रेरित साजिश की बू आ रही है: सरकारी सूत्र

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 24 Sep 2025 10:15 PM
लद्दाख में हुई हिंसा में राजनीति और निजी लाभ से प्रेरित साजिश की बू आ रही है: सरकारी सूत्र
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नयी दिल्ली. सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यहां कहा कि लद्दाख में हुई हिंसा के मामले में राजनीति और निजी स्वार्थ से प्रेरित साजिश की बू आ रही है, लेकिन युवाओं को इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि लद्दाख और उसके युवा कुछ लोगों की संकीर्ण राजनीति और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की निजी महत्वाकांक्षाओं की भारी कीमत चुका रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि हिंसा में शामिल लद्दाख के युवाओं को गुमराह करके राजनीतिक व निजी स्वार्थ के लिए एक भयावह साजिश में फंसाया गया.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों के कल्याण व सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं के साथ खड़ी है. सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने ऐसे बयान दिए जो पथराव, बंद और आगजनी के निर्देश जैसे लग रहे थे. एक सूत्र ने कहा, “वे इतने तैयार कैसे थे? पूरे घटनाक्रम को देखते हुए राजनीति और निजी स्वार्थ से प्रेरित साजिश की बू आ रही है.” उन्होंने कहा कि लद्दाख में स्थिति अपने आप नहीं बिगड़ी, बल्कि जानबूझकर बिगाड़ी गई.

केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए एबीएल और केडीए के साथ उच्चाधिकार प्राप्त समिति की छह अक्टूबर होने वाली बैठक का उल्लेख करते हुए सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार ने एबीएल द्वारा प्रस्तावित एचपीसी के नए सदस्यों को लेकर भी सहमति व्यक्त की है. सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार बैठक को छह अक्टूबर के बजाय 25-26 सितंबर को आयोजित करने पर विचार कर रही है.

उन्होंने कहा, “दरअसल, केंद्र सरकार हमेशा से बातचीत के लिए तैयार रही है और पहले भी 25 जुलाई को बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उसे सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी.” सूत्रों ने सवाल किया कि जब बातचीत खुले मन से तय की गई थी, तो हिंसा किसके फायदे के लिए भड़काई गई? सूत्रों ने कहा, “सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख में ‘अरब ्प्रिरंग’ जैसे विरोध प्रदर्शन की इच्छा जताते रहे हैं. नेपाल में जेनरेशन जेड के विरोध प्रदर्शनों का उनका संदर्भ अब एक ब्लूप्रिंट जैसा लगता है. क्या उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल अपने निजी मुद्दों को छिपाने के लिए किया है ताकि अब सामने आ रही कुछ गड़बड़ियों को छिपाया जा सके?”

हिंसा प्रभावित लेह में कफ्र्यू लगा दिया गया है : उपराज्यपाल

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने राज्य के दर्जे की मांग को लेकर बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के बाद कहा कि रक्तपात रोकने के लिए लेह जिले में कफ्र्यू लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करके देश के कानून के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

गुप्ता ने लद्दाख के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “एहतियाती उपाय के तौर पर कफ्र्यू लगाया गया है. यहां लोगों की जान गई है और मैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. और अधिक रक्तपात को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे.” उपराज्यपाल ने कहा कि किसी भी रूप में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पुलिस और ज़लिा प्रशासन को शांति भंग करने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार सभी तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. गुप्ता ने कहा कि लद्दाख में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश के तहत हिंसा भड़काई गई है.

उपराज्यपाल ने लद्दाख के लोगों से शांति व सद्भाव बनाए रखने और सामाजिक ताने-बाने तथा सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के बहकावे में न आने की अपील की. लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) द्वारा प्रायोजित बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षार्किमयों के बीच हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और 22 पुलिसर्किमयों समेत 45 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
एलएबी पिछले पांच साल से राज्य का दर्जा दिए जाने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के एक कार्यालय, एक पुलिस वाहन और कई कारों को आग के हवाले कर दिया.

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