भाजपा नीत केंद्र सरकार ने देश में गुस्से और नफरत का माहौल बनाया है : राहुल गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 01 Jul 2022 06:52 PM
भाजपा नीत केंद्र सरकार ने देश में गुस्से और नफरत का माहौल बनाया है : राहुल गांधी

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वायनाड/नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर देश में ‘‘गुस्से और नफरत का माहौल’’बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह भारत और देश के लोगों के हितों के खिलाफ है. भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित विवादित बयान पर उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि शीर्ष अदालत ने सच कहा है, लेकिन देश का यह माहौल उस व्यक्ति से नहीं बना है, जिसने टिप्पणी की है.

उन्होंने आरोप लगाया है कि यह स्थिति केंद्र में सत्तारूढ़ राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन)सरकार ने बनाई है. राहुल ने कलपेट्टा में अपने कार्यालय का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह माहौल प्रधानमंत्री ने, गृहमंत्री ने, भाजपा और आरएसएस ने बनाया है…यह माहौल गुस्से और नफरत का है. ईमानदारी से कहूं तो देश में बना यह माहौल राष्ट्र विरोधी गतिविधि है.’’ गौरतलब है कि राहुल के इस कार्यालय में पिछले सप्ताह एसएफआई कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ इस तरह का माहौल बनाना भारत और उसके लोगों के हितों के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘‘…यह पूरी तरह से गलत है और यह त्रासदी साबित होगी.’’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विभिन्न समुदायों के बीच सेतु का निर्माण कर लोगों को साथ लाती है, जबकि भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) लोगों में ‘‘विभाजन पैदा’’कर रहे हैं.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नेता नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादित टिप्पणी को लेकर उन्हें शुक्रवार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी (नुपुर की) ‘अनियंत्रित जुबान’ ने पूरे देश को आग में झोंक दिया. न्यायालय ने नुपुर शर्मा को अपनी इस टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगने को भी कहा है.

न्यायालय ने शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर विभिन्न राज्यों में दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने संबंधी उनकी अर्जी स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने (शर्मा ने) पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी या तो सस्ता प्रचार पाने के लिए या किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत या किसी घृणित गतिविधि के तहत की.

शीर्ष अदालत ने कहा कि उनका (शर्मा का) अपनी ‘‘जुबान पर काबू नहीं’’ है और उन्होंने ‘‘गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं और वह 10 साल से वकील होने का दावा करती हैं. उन्हें अपनी टिप्पणियों के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए थी.’’ टेलीविजन पर प्रसारित एक बहस के दौरान पैगंबर के बारे में की गई शर्मा की टिप्पणी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए थे और कई खाड़ी देशों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. भाजपा ने बाद में शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

राहुल गांधी वायनाड में अपने क्षतिग्रस्त कार्यालय गये, इसे ‘गैर-जिम्मेदाराना हरकत’ करार दिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वायनाड में शुक्रवार को अपने कार्यालय का दौरा किया. इस कार्यालय में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं द्वारा हाल में बफर जोन के मुद्दे पर तोड़फोड़ की गई थी. राहुल ने उनके (एसएफआई कार्यकर्ताओं के) इस कृत्य को ‘‘गैर जिम्मेदाराना’’ करार दिया.

यहां अपने निर्वाचन क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर आए गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यालय पहुंचे तथा नुकसान का जायजा लिया. बाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह वायनाड के लोगों का कार्यालय है तथा वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं द्वारा जो कुछ किया गया, वह ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ंिहसा कभी भी समस्याओं का समाधान नहीं करती है और उनके मन में उनके (तोड़फोड़ करने वालों के) प्रति कोई क्रोध या शत्रुता नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘ देश में आप सर्वत्र जो विचार देखते हैं वह यह है कि ंिहसा से समस्याएं हल हो जाएंगी. लेकिन ंिहसा कभी समस्याओं का हल नहीं करती है… ऐसा करना अच्छी बात नहीं है…उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से काम किया. लेकिन मेरे मन में उनके प्रति कोई गुस्सा या शत्रुता का भाव नहीं है.’’

गांधी ने ंिहसा करने वाले एसएफआई कार्यकर्ताओं को ‘बच्चा’ करार दिया. करीब एक हफ्ते पहले राहुल गांधी के विरूद्ध एसएफआई का प्रदर्शन तब ंिहसक हो गया जब वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक समूह यहां उनके कार्यालय में घुस गया एवं वहां तोड़फोड़ की. उसके बाद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस घटना की ंिनदा की और अपराधियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. गांधी के वायनाड लोकसभा क्षेत्र के कालपेट्टा स्थित दफ्तर में एसएफआई कार्यकर्ताओं के ‘ंिहसक कृत्य’ की कड़ी ंिनदा करते हुए कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया था जो कुछ क्षेत्रों में ंिहसक हो गया.

कांग्रेस के ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में बदल दिया : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किये जाने के पांच वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने जिस ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ (वास्तविक रूप से सरल कर व्यवस्था) की कल्पना की थी, उसे मोदी सरकार ने ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में बदल दिया.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस के ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में तब्दील कर दिया. जीएसटी की छह दरें और 1826 दिनों में 1000 से अधिक संशोधन किए गए. क्या यह सरल है? यह कारोबार विशेषकर एमएसएमई के लिए बुरे सपने की तरह है.’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘कांग्रेस ‘जीएसटी 2.0’ के माध्यम से कारोबार और रोजगार को पटरी पर लाएगी. इसमें जीएसटी की कम दर होगी और राज्यों के साथ (इसे) ईमानदारी के साथ साझा किया जाएगा.’’ एक एकीकृत अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के रूप में जीएसटी को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था.

किसानों एवं बड़े व्यापारियों के साथ अलग अलग बर्ताव क्यों : राहुल का केंद्र से सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को यह कहते हुए देश के किसानों की प्रति भाजपा नीत केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की कि उसने बड़े औद्योगिक घरानों का ऋण माफ कर दिया लेकिन गले तक कर्ज में डूबे संघर्षरत कृषक समुदाय के लिए कुछ नहीं किया.
एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा यहां उनके कार्यालय में तोड़फोड़ किये जाने के बाद अपने लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर आये सांसद गांधी ने केरल के सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर भी हमला किया एवं आरोप लगाया कि उसके पास किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने की कोई रणनीति नहीं है तथा राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इंसान-जानवर संघर्ष के मुद्दे के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.

वह इस पर्वतीय जिले के मनानथावडी में एक किसान सेवा सहकारी बैंक के नये भवन का उद्घाटन कर रहे थे. हाल में एसएफआई कार्यकर्ताओं ने पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र को लेकर गांधी के स्थानीय सांसद कार्यालय में तोड़फोड़ की थी. किसानों को देश की तथा कृषि को आधुनिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद बताते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो कृषि के विकास के बगैर सफलतापूर्वक विकास कर पाया हो. कांग्रेस सांसद ने कहा कि लेकिन किसान एवं कृषि को आज उपेक्षित छोड़ दिया गया है तथा किसानों को हर ओर से उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है.

विवादास्पद कृषि कानूनों की आलोचना करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसे कृषि समुदाय को घेरने एवं फंसाने के लिए बनाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इन कृषि कानूनों का मूल विचार यह था कि किसानों की कठित मेहनत का लाभ बड़े व्यापारियों को मिले. किसानों के जबर्दस्त प्रदर्शन के कारण केंद्र ने इन कृषि कानूनों को वापस ले लिया था.

By Yogesh Kumar Sahu