टीम इंडिया वह है जहां लोग एकजुट हों, विभक्त नहीं : राहुल गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 03 Jul 2022 07:00 PM
टीम इंडिया वह है जहां लोग एकजुट हों, विभक्त नहीं : राहुल गांधी

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मलप्पुरम. कांग्रेस नेता और वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि टीम इंडिया वह है, जहां देश के समक्ष चुनौतियों का सामना करने के लिए हर कोई अपने धर्म, भाषा या समुदाय से इतर हटकर एक साथ आता है, न कि ऐसा, जो केंद्र की सत्तारूढ़ सरकार मानती है.

केरल के मलप्पुरम जिले में संतोष ट्रॉफी विजेताओं को सम्मानित करने और विभिन्न टीमों को फुटबॉल जर्सी वितरित करने से संबंधित एक कार्यक्रम में गांधी ने कहा कि जिस प्रकार फुटबॉल या क्रिकेट टीम को जीतने के लिए उसके सभी खिलाड़ियों को एक इकाई के रूप में खेलने की आवश्यकता होती है, वैसे ही भारत भी एक टीम है, जिसकी सफलता ‘यहां के सभी लोगों, धर्मों, भाषाओं, राज्यों और सभी समुदायों’ के एकजुट होने पर आधारित है.

उन्होंने कहा, ‘‘यही टीम इंडिया है. हालांकि, हमारे पास एक सत्तारूढ़ सरकार है जो इसे नहीं समझती . वे सोचते हैं कि भारत को धर्म, भाषा , समुदाय के आधार पर विभाजित करके टीम इंडिया सफल हो सकती है. आप नफरत और विभाजन का परिणाम देख सकते हैं. आप उस आर्थिक पतन को देख सकते हैं जो हुआ है. आप बेरोजगारी देख सकते हैं जो हर एक व्यक्ति के मामले में स्पष्ट है.’’

गांधी ने कहा, ‘‘इसलिए, मेरी आपको सलाह है कि जिस तरह आप टीम में अपने साथी खिलाड़ियों के साथ व्यवहार करते हैं, उसी तरह सभी भारतीयों को एक टीम के रूप में देखना चाहिए. सभी को एक साथ आगे लेकर जाएं. चाहे वे कहीं से भी आते हों, उनके धर्म, भाषा या समुदाय की परवाह किए बिना, उनके साथ व्यवहार करें. तब टीम इंडिया अपने सामने उत्पन्न सभी चुनौतियों से पार पाएगी.’’ गांधी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भारत (की सफलता) केवल तभी संभव है, जब यह ‘धर्मनिरपेक्ष भारत’ होगा.

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘कोई दूसरा भारत संभव नहीं है. एक भारत जो धार्मिक और भाषाई आधार पर विभाजित है, वह अब भारत नहीं है. भारत सभी राज्यों, धर्मों, भाषाओं और समुदायों का एक संघ है और भारत का अस्तित्व तभी है जब यहां रहने वाला हर व्यक्ति सहज महसूस करता है.’’ गांधी केरल के तीन दिवसीय दौरे पर थे और आज रात दिल्ली लौटेंगे.

पीएमजीएसवाई दिशानिर्देशों को लचीला बनाने की आवश्यकता

कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत दिशा-निर्देशों को प्रत्येक राज्य की जरूरतों और परिस्थितियों के आधार पर अधिक लचीला बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने केंद्र सरकार से इसमें संशोधन पर विचार करने का अनुरोध किया है.

केरल के मलप्पुरम जिले के नीलांबुर इलाके में पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण के उद्घाटन के मौके पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को दिशा-निर्देशों को संशोधित करने पर विचार करने के लिए एक पत्र लिखा है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि वे इस पर विचार करेंगे.’’ गांधी ने कहा कि उन्होंने रखरखाव और उन्नयन के लिए पीएमजीएसवाई के तहत शामिल होने वाली 11 सड़कों की सूची दी है.

सड़क निर्माण के उद्घाटन के अलावा, गांधी ने नीलांबुर में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की एक शाखा संस्कारिका साहिति द्वारा निर्मित मकान की चाबी एक महिला को सौंपे जाने के संबंध में आयोजित समारोह में भी भाग लिया. बाढ़ में अपना घर गंवा चुकी महिला को कथित तौर पर राज्य सरकार के ‘लाइफ मिशन’ अभियान के तहत घर देने से इनकार कर दिया गया था.

गांधी ने इस कार्यक्रम में आरोप लगाया कि घर पाने के लिए पात्र होने के बावजूद, अपनी राजनीतिक विचारधारा और कांग्रेस पार्टी की समर्थक होने के कारण महिला को ‘लाइफ मिशन’ के तहत घर देने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद वायनाड के सांसद ने मलप्पुरम के वंदूर इलाके से कई ट्रॉमा केयर एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. गांधी रविवार रात दिल्ली लौटने से पहले अपनी तीन दिवसीय केरल यात्रा के तीसरे दिन मलप्पुरम जिले में कई अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने वाले हैं.

 

 

By Yogesh Kumar Sahu