Festive Season 2026: दुर्गा पूजा से दिवाली तक जमकर होगी खरीदारी, कपड़े-ज्वैलरी से लेकर ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ेगी मांग

दुर्गा पूजा, गणेशोत्सव और दिवाली के बीच 29 दिनों के त्योहारी दौर में देशभर के बाजारों में भारी कारोबार की उम्मीद है। कैट के अनुमान के मुताबिक, दिवाली अकेले 6.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अवसर पैदा कर सकती है।

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Wed, 23 Sep 2026 10:55 AM
Festive Season 2026: दुर्गा पूजा से दिवाली तक जमकर होगी खरीदारी, कपड़े-ज्वैलरी से लेकर ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ेगी मांग

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Festive Season 2026: भारत में त्योहार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण समय होते हैं। इस साल दुर्गा पूजा से दिवाली तक चलने वाले करीब 29 दिनों के त्योहारी दौर में बाजार में लगभग 6.20 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और उपलब्ध आर्थिक अनुमानों के अनुसार, इस अवधि में कपड़े, एफएमसीजी, किराना, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे कई क्षेत्रों में मांग बढ़ सकती है।

दुर्गा पूजा से कोलकाता में बढ़ेगी कारोबारी गतिविधि

दुर्गा पूजा का सबसे बड़ा कारोबारी असर पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता में देखने को मिलता है। इस दौरान करीब 65,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि होने का अनुमान है।

इसमें कोलकाता की हिस्सेदारी करीब 65 से 70 फीसदी तक रहने का अनुमान है। दुर्गा पूजा से जुड़े कारोबार में रिटेल और कपड़ों की हिस्सेदारी लगभग 28 फीसदी, जबकि ज्वैलरी की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी हो सकती है।

गणेशोत्सव से भी बाजार को मिलेगा सहारा

गणेशोत्सव के दौरान देशभर में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है। त्योहार से जुड़ी खरीदारी केवल गणेश प्रतिमाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पंडाल, सजावट, खान-पान, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार बढ़ता है।

अनुमानों के मुताबिक, गणेश प्रतिमाओं और संबंधित उत्पादों की हिस्सेदारी करीब 18 फीसदी, पंडाल एवं सजावट की 12 फीसदी और खान-पान व मिठाई की लगभग 10 फीसदी रह सकती है।

दिवाली होगी कारोबार का सबसे बड़ा केंद्र

त्योहारी सीजन में दिवाली को खुदरा बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक माना जाता है। कैट के अनुमान के अनुसार, दिवाली से जुड़ी खरीदारी और कारोबार 6.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक रह सकता है।

इस दौरान एफएमसीजी और किराना क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 28 फीसदी रहने का अनुमान है। ज्वैलरी की हिस्सेदारी लगभग 18 फीसदी, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी हो सकती है।

कपड़े, गिफ्ट और एफएमसीजी की मांग बढ़ने की उम्मीद

त्योहारी खरीदारी में कपड़े, गिफ्ट आइटम, एफएमसीजी और किराना जैसे उत्पादों की मांग आम तौर पर बढ़ती है। लोग त्योहारों पर अपने घर के लिए सामान खरीदने के साथ परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए उपहार भी लेते हैं।

इसका असर स्थानीय दुकानों और बड़े रिटेल कारोबार के साथ रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री पर भी पड़ सकता है।

धनतेरस पर ज्वैलरी कारोबार को मिल सकता है फायदा

धनतेरस और दिवाली के दौरान सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के कारण सर्राफा बाजार में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

त्योहारी कारोबार में ज्वैलरी की हिस्सेदारी अलग-अलग आयोजनों और बाजारों के आधार पर करीब 12 से 18 फीसदी तक रहने का अनुमान बताया गया है। मांग बढ़ने से ज्वैलर्स और इससे जुड़े कारोबार को फायदा मिल सकता है।

गाड़ी, टीवी और फ्रिज की खरीदारी भी बढ़ सकती है

त्योहारों के दौरान लोग वाहन और महंगे घरेलू सामान खरीदने को भी प्राथमिकता देते हैं। गणेशोत्सव और दिवाली के आसपास नई कार, टीवी, फ्रिज और अन्य कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है।

इससे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा उत्पादन, वितरण और सप्लाई से जुड़े क्षेत्रों में भी कारोबारी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा?

त्योहारी सीजन में जिन प्रमुख क्षेत्रों में मांग बढ़ने का अनुमान है, उनमें शामिल हैं:

  • कपड़े और फैशन रिटेल
  • एफएमसीजी और किराना
  • ज्वैलरी और सर्राफा कारोबार
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
  • ऑटोमोबाइल
  • गिफ्ट और सजावट
  • खान-पान और मिठाई
  • पंडाल एवं त्योहारी सजावट
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