भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 के स्तर पर आ गया। बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव देखा गया।
बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे छह मुख्य कारण बताए गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष का बढ़ना एक प्रमुख वजह रही। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। बॉन्ड प्रतिफल में भी वृद्धि दर्ज की गई। रुपये में गिरावट ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा पूंजी निकासी भी गिरावट का एक कारण रही। इन सभी के साथ कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार पर नकारात्मक असर डाला।
किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?
निफ्टी के क्षेत्रीय सूचकांकों में वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्र सबसे अधिक दबाव में रहे। निजी बैंक और ऊर्जा से संबंधित क्षेत्रों में भी बड़ी गिरावट देखी गई। ऑटोमोबाइल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और रसायन शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने अपेक्षाकृत लचीलापन दिखाया। मीडिया और फार्मा क्षेत्र भी तुलनात्मक रूप से स्थिर रहे, लेकिन उनमें भी गिरावट दर्ज हुई। व्यापक बिकवाली के दबाव के बीच रक्षात्मक और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों में कुछ सापेक्षिक मजबूती दिखी।
वैश्विक बाजारों का क्या हाल रहा?
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। एसएंडपी 500 वायदा में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक 100 वायदा 0.9 फीसदी नीचे आया। डॉव जोन्स औद्योगिक औसत वायदा में 0.3 फीसदी की गिरावट देखी गई। एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक 0.7 फीसदी गिरा। एमएससीआई उभरते बाजार सूचकांक में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, लंदन समय अनुसार सुबह 9:18 बजे तक स्टॉक्स यूरोप 600 में 0.5 फीसदी की वृद्धि देखी गई।