पेरिस. फ्रांस की सरकार के खिलाफ वहां के Gen Z ने विद्रोह कर दिया हैं। एफिल टावर के सामने हजारों की भीड़ जमा हुई और उसने तोड़फोड़ से लेकर आगजनी को अंजाम दिया। कई शहरों को आग के हवाले कर दिया है और कई जगह हिंसा हो रही है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रवासी परिवारों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के छात्र शामिल हैं। वहीं, बेल्जियम में भी विरोध प्रदर्शन शुरू होने की खबरें हैं।
फ्रांस में छात्रों का गुस्सा अब राजधानी पेरिस से निकलकर देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। खराब स्कूल भवन, शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाएं और शिक्षा व्यवस्था में निवेश को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर हैं। विरोध के दौरान कई जगह पुलिस से झड़प और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं।
8 अक्टूबर तक करीब 400 से 500 हाई स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहने की बात सामने आई है। सरकार के सामने अब एक तरफ स्कूलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संभालने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ छात्रों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने का दबाव भी बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जेहादी आक्रमणकारियों से निपटने के लिए अतिरिक्त 7,000 सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस में हाई स्कूल छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़पें हुई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सार्त्रूविल के हाई स्कूल के बाहर प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर आतिशबाजी किए जाने के बाद घुड़सवार पुलिस को कार्रवाई करते हुए देखा जा सकता है।