केंद्रीय कैबिनेट की आज हुई बैठक में देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश की MSME कंपनियों के लिए 10,000 करोड़ रुपए के ग्रोथ फंड की स्थापना का बड़ा निर्णय लिया गया है।
बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संवैधानिक पद (गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक) पर 25 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर बधाई और बधाई प्रस्ताव भी पारित किया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में 7% से 8% की दर से बढ़ रही GDP के साथ लॉजिस्टिक्स की मांग करीब 10% की दर से बढ़ रही है। यह अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘मल्टीप्लायर फैक्टर’ है। इस मांग को पूरा करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ITLA की स्थापना की जा रही है।
ITLA देश में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट अप्रेजल, मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स की शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी। कुछ साल पहले शुरू किए गए ‘पीएम गतिशक्ति’ पोर्टल के आधार को आगे बढ़ाते हुए यह संस्था 10 से 30 साल बाद की जरूरतों का अध्ययन करेगी। उदाहरण के लिए- देश में कितने नए रेलवे नेटवर्क, हाईवे, एयरपोर्ट, सी-पोर्ट और इनलैंड वॉटरवे की जरूरत होगी।
यह प्राधिकरण सभी तरह के परिवहन साधनों- सड़क, रेल, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, तटीय शिपिंग, शहरी गतिशीलता को एक इंटीग्रेटेड और वैज्ञानिक तरीके से जोड़ेगा। छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत देते हुए कैबिनेट ने एक बड़े वित्तीय पैकेज की घोषणा की है।
देश के MSME उद्योगों को अपनी क्षमता बढ़ाने और विस्तार करने के लिए जरूरी ग्रोथ कैपिटल प्रदान करने के उद्देश्य से ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड बनाया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल का सफर
कैबिनेट बैठक में केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर उन्हें सम्मानित किया। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
2001 से 2014 तक लगातार 13 साल गुजरात के सीएम रहने के बाद मई 2014 से वे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
संसदीय लोकतंत्र में एक निर्वाचित प्रमुख के रूप में 25 सालों तक लगातार संवैधानिक पद पर बने रहने का यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड है।