नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के सांसद संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना शुरू कर दिया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
बीजेपी सांसद अशोक बाजपेयी ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार है और चुनाव आयोग ने दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से निराश विपक्षी दल जनता से कट चुके हैं और अब चुनाव आयोग व संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ऐसी गतिविधियां देश के लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई हैं।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी को किसी से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह कोई भगवान नहीं, बल्कि इंसान हैं। वडिंग ने मांग की कि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखने की इजाजत दी जाए। उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पद से हटाया जाए। वडिंग ने कहा कि वे अपनी बात लगातार रख रहे हैं, लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुन रहा है।
नई दिल्ली में जारी विपक्ष का प्रदर्शन अभी और लंबा चलने के आसार हैं। एक ओर जहां INDIA गठबंधन के कई सांसद वापस लौट गए हैं, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी डटे हुए हैं। पुलिस ने आकाशवाणी में घुसने के चलते NSUI के कुछ कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। खबरें हैं कि आपदा बल, पुलिस और RAF मौके पर मौजूद है। खास बात है कि बवाल चुनाव आयोग से थोड़ी दूर पर ही जारी है।
विपक्षी सांसदों की मांग है कि राहुल गांधी को भारत निर्वाचन आयोग तक जाने दिया जाए, लेकिन सुबह से ही यहां बैरिकेडिंग कर दी गई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही विपक्ष SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर बना हुआ है।