छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में छात्रा पर हुए एसिड अटैक के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, युवती के शादी का प्रस्ताव ठुकराने से नाराज उसके सहपाठी ने अपने बचपन के दोस्त के साथ मिलकर हमले की साजिश रची थी। घटना के बाद छात्रा को गंभीर हालत में रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों को मुंडन के बाद जुलूस के रूप में निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने आरोपितों के चेहरे पर कालिख पोती और उनके साथ मारपीट भी की। कुछ लोगों ने आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
शादी का प्रस्ताव ठुकराने से नाराज था आरोपित
पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्रा और मुख्य आरोपित यश एक ही कोचिंग में पढ़ते थे। दोनों के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत बताए गए हैं। छात्रा ने एमएससी की पढ़ाई पूरी की थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।
पुलिस का कहना है कि यश छात्रा को पसंद करता था और उसने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने कथित तौर पर अपने बचपन के दोस्त करण के साथ मिलकर छात्रा पर हमला करने की योजना बनाई।
कई दिनों तक हमले की तैयारी का आरोप
जांच के अनुसार, दोनों ने करीब तीन महीने पहले हमले की साजिश रची थी। 26 सितंबर को करण को बुलाया गया और अगले दिन दोनों ने कथित तौर पर तेजाब खरीदा।
आरोपितों ने गणेश झांकी के दौरान हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण उन्होंने अपना प्लान बदल दिया। इसके बाद दोनों ने दूसरे मौके का इंतजार किया।
लाइब्रेरी से घर लौटते समय किया हमला
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर की दोपहर छात्रा लाइब्रेरी से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान करण ने कथित तौर पर यश के कहने पर उस पर तेजाब फेंक दिया।
हमले में छात्रा का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया। उसकी दाईं आंख की रोशनी जाने की बात सामने आई है, जबकि एक हाथ भी झुलस गया। प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपितों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। एसडीओपी विनय साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस को यश पर संदेह हुआ। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद कथित साजिश में उसके बचपन के दोस्त करण की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के जुलूस के दौरान भीड़ का हमला
मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों का जुलूस निकाला। इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने आरोपितों के चेहरे पर कालिख पोत दी और उनके साथ मारपीट की।
घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। भीड़ ने आरोपितों को कड़ी सजा देने और पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं, छात्रा का रायपुर में उपचार चल रहा है।
– from Dainik Jagran