धमतरी जिले के नगरी में सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को नगरी के श्री श्रृंगी ऋषि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित जिला स्तरीय जनकल्याणकारी निदान एवं स्वास्थ्य शिविर में उस समय विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जब बैठक व्यवस्था को लेकर विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे सरपंच मंच से उतरकर जमीन पर बैठ गए।
सरपंचों ने बैठक व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया। स्थिति बिगड़ने पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, एसडीएम प्रीति दुर्गम सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और सरपंचों से बातचीत की। बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा, जिला पंचायत सभापति अजय ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की समझाइश और मान-मनौव्वल के बाद सरपंचों ने विरोध समाप्त किया।
मंच पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार शिविर शुरू होने से पहले नगरी विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच कार्यक्रम स्थल पहुंच गए थे। सरपंच संघ की ओर से जनपद पंचायत सीईओ नारद मांझी से मंच पर बैठक व्यवस्था को लेकर आग्रह किया गया था। बातचीत के बाद मंच की अंतिम पंक्ति में कुछ सरपंचों के लिए कुर्सियां लगाने तथा अन्य सरपंचों के लिए मंच के सामने बैठने की व्यवस्था किए जाने की बात हुई। इसके बाद कुछ सरपंच मंच की अंतिम पंक्ति में जाकर बैठ गए।
सरपंचों के अनुसार, बाद में एसडीएम नगरी प्रीति दुर्गम ने मंच पर बैठे सरपंचों से निर्धारित स्थान पर जाकर बैठने का आग्रह किया। इससे नाराज सरपंच मंच से नीचे उतर आए और मंच के सामने जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे। सरपंचों का कहना था कि जब बातचीत के बाद बैठक व्यवस्था तय की गई थी और वे उसी व्यवस्था के अनुसार बैठे थे, तो बाद में उन्हें वहां से हटने के लिए कहना उचित नहीं है। उन्होंने जिला स्तरीय कार्यक्रमों में निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल का ध्यान रखने की मांग की।
अधिकारियों की समझाइश के बाद भी नहीं माने,
सरपंचों के जमीन पर बैठने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, एसडीएम प्रीति दुर्गम एवं पुलिस अधिकारियों ने सरपंचों से चर्चा कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। हालांकि सरपंच तत्काल विरोध समाप्त करने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा, जिला पंचायत सभापति अजय ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधि सरपंचों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरपंचों की बात सुनी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया। समझाइश एवं मान-मनौव्वल के बाद सरपंचों ने अपना विरोध समाप्त किया, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ सका।
एसडीएम ने कहा—सीमित जगह के कारण किया गया था आग्रह
घटनाक्रम को लेकर एसडीएम प्रीति दुर्गम ने कहा कि मंच पर सीमित जगह थी और सभी सरपंचों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं था। मंच पर बैठे कुछ सरपंचों से मंच की सीमित जगह एवं प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पत्रकार दीर्घा के समीप सरपंचों के लिए की गई व्यवस्था में बैठने का सम्मानपूर्वक आग्रह किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरपंचों के साथ किसी प्रकार का अपमानजनक व्यवहार नहीं किया गया।
पूर्व विधायक अंबिका मरकाम ने भी उठाया जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा
कार्यक्रम को लेकर सिहावा विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक अंबिका मरकाम ने भी जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं दिए जाने तथा फोटो कॉल और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने की बात कही। सरपंचों के मंच से नीचे बैठने के घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सरपंच जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में उनके सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।