जियो का बड़ा प्लान: 1,600 सैटेलाइट से 6 लाख गांवों तक पहुंचेगा इंटरनेट, IMC 2026 में खुलासा

रिलायंस जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में सैटेलाइट कनेक्टिविटी का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत करीब 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन की मदद से दूरदराज के गांवों, द्वीपों, समुद्री क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों तक नेटवर्क पहुंचाने की योजना है। फिलहाल यह प्रस्तावित योजना है और सेवा शुरू होने की समयसीमा सामने नहीं आई है।
Author: www.navabharat.news
UPDATED: Fri, 09 Oct 2026 10:37 AM
जियो का बड़ा प्लान: 1,600 सैटेलाइट से 6 लाख गांवों तक पहुंचेगा इंटरनेट, IMC 2026 में खुलासा
ऑडियो सुनें

जियो का बड़ा प्लान: रिलायंस जियो ने देश के दूरदराज के इलाकों तक इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए एक बड़ी योजना पेश की है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में कंपनी ने करीब 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन पर आधारित सैटेलाइट नेटवर्क का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जहां मोबाइल टावर लगाना या फाइबर केबल बिछाना मुश्किल है।

6 लाख से ज्यादा गांवों तक नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य

जियो की प्रस्तावित योजना के तहत 6 लाख से ज्यादा गांवों को कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसमें दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के साथ द्वीप, समुद्री क्षेत्र और सीमावर्ती इलाके भी शामिल हैं। कंपनी सैटेलाइट नेटवर्क को अपने मौजूदा मोबाइल और फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ने की योजना बना रही है।

1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन की योजना

इस नेटवर्क में लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट शामिल होंगे। पृथ्वी की निचली कक्षा में काम करने वाले ये सैटेलाइट उन इलाकों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं, जहां पारंपरिक नेटवर्क की पहुंच सीमित है।

इसके अलावा, भारत में 23 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की योजना है। ये स्टेशन सैटेलाइट और जमीन पर मौजूद संचार नेटवर्क के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद करेंगे।

गांवों से लेकर समुद्री और सीमावर्ती क्षेत्रों तक होगा इस्तेमाल

जियो की योजना में ग्रामीण कनेक्टिविटी के अलावा कई अन्य क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इनमें विमानन, समुद्री गतिविधियां, दूरदराज के व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी सेवाएं, रक्षा और आपदा के समय संचार व्यवस्था जैसे उपयोग शामिल हैं।

कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे डिवाइस पर कॉलिंग जैसी सुविधाओं को भी अपने प्रस्तावित विजन का हिस्सा बताया है। हालांकि, इन सेवाओं की तकनीकी उपलब्धता और आम यूजर्स के लिए इनके इस्तेमाल से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

भारत में तैयार होगा सैटेलाइट कनेक्टिविटी सिस्टम

जियो ने अपनी योजना को ‘सोवरेन सैटेलाइट कनेक्टिविटी’ से जोड़ा है। इसके तहत डिजाइन, इंजीनियरिंग, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, लॉन्च, तैनाती और संचालन जैसी गतिविधियों की पूरी वैल्यू चेन भारत में विकसित करने की बात कही गई है।

इस पहल का उद्देश्य सैटेलाइट कनेक्टिविटी के क्षेत्र में घरेलू तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है। हालांकि, कंपनी ने अभी इस परियोजना की कुल लागत और इसे पूरा करने की समयसीमा का खुलासा नहीं किया है।

कब शुरू होगी जियो की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा?

फिलहाल जियो की यह सैटेलाइट कनेक्टिविटी योजना प्रस्तावित चरण में है। करीब 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन के नेटवर्क को कब तक तैयार किया जाएगा और आम लोगों को इसकी सेवाएं कब मिलेंगी, इसकी आधिकारिक समयसीमा सामने नहीं आई है।

इसलिए इसे शुरू हो चुकी इंटरनेट सेवा के बजाय जियो के भविष्य के नेटवर्क विस्तार से जुड़ी योजना के रूप में देखना चाहिए।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By www.navabharat.news