भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद शुक्रवार को जोरदार रिकवरी की वजह से इस हफ्ते बढ़त देखने को मिली. आईटी शेयरों में खरीदारी और टीसीएस के मजबूत तिमाही नतीजों से सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई. हालांकि, इस तेजी के बावजूद बाजार के लिए आगे की राह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
तकनीकी संकेत अब भी कमजोरी दिखा रहे हैं और एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 22,600 का स्तर अहम होगा. इस स्तर के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी 22,800 की ओर बढ़ सकता है, जबकि 22,400 के नीचे फिसलने पर 22,000 तक गिरावट का जोखिम रहेगा. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों की कमाई में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी बाजार की रिकवरी को मजबूती दे सकती है.
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 50 में 0.4 फीसदी और सेंसेक्स में 0.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. इससे पहले दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार आठ हफ्तों तक गिरावट में रहे थे. इस दौरान निफ्टी में 8.7 फीसदी और सेंसेक्स में 8.4 फीसदी की गिरावट आई थी. शुक्रवार की तेजी ने इस लंबी साप्ताहिक गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया.
टेक्स की मार से जनता बेहाल है तो शेयर बाज़ार में भी हाहाकार मचा हुआ है। आज सेंसेक्स 661 अंक टूटा, निफ्टी 242 अंक गिरा और विदेशी निवेशकों ने एक दिन में ₹8,700 करोड़ निकाल लिए। एलन मस्क को एक ही दिन में ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा का झटका लगा है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल एलन मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में लगभग 36–37 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रुपये में यह रकम करीब ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक बैठती है।
महंगे वैल्यूएशन, ऊंचे टैक्स और गिरते रुपये के चलते विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने घरेलू बाजार पर दबाव और गहरा दिया है। इन वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
खान मार्केट के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने प्रदर्शन के कारण हो रहे नुकसान पर कहा, “आज शनिवार है और आमतौर पर इस दिन बाजार में काफी भीड़ रहती है। कल से त्योहारों का सीजन शुरू हो रहा है, लेकिन आज बाजार खाली पड़ा है। हम अपनी जान जोखिम में डालकर भी दुकानें खोलकर बैठे हैं, ताकि अगर कोई ग्राहक गलती से भी आ जाए, तो उसे निराश होकर वापस न लौटना पड़े। आप खुद देख सकते हैं कि इससे कितना नुकसान हो रहा है। अगर हम आज खान मार्केट की बात करें, तो बिक्री और राजस्व, दोनों का नुकसान हो रहा है। इसका खामियाजा हमें भी भुगतना पड़ेगा और सरकार को भी राजस्व के नुकसान के रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
इस हफ्ते कैसा रहा शेयर बाजार का प्रदर्शन?
शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी आई. सेंसेक्स 879.09 अंक यानी 1.23 फीसदी चढ़कर 72,472.33 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान इसमें 1,075.96 अंक यानी करीब 1.5 फीसदी की तेजी आई और यह 72,669.20 तक पहुंच गया.
निफ्टी 288.65 अंक यानी 1.3 फीसदी बढ़कर 22,520.45 पर बंद हुआ. आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के तिमाही नतीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार के बढ़ते राजस्व योगदान और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि के संकेत मिलने से आईटी शेयरों में उत्साह देखने को मिला.
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 50 में 0.4 फीसदी और सेंसेक्स में 0.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. इससे पहले दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार आठ हफ्तों तक गिरावट में रहे थे। इस दौरान निफ्टी में 8.7 फीसदी और सेंसेक्स में 8.4 फीसदी की गिरावट आई थी. शुक्रवार की तेजी ने इस लंबी साप्ताहिक गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया.
बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिया बाजार को सहारा
इस सप्ताह वित्तीय शेयरों में 1.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. कंपनियों की ओर से आए मजबूत तिमाही कारोबारी अपडेट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर वृद्धि के बाद अतिरिक्त नकदी निकासी के उपाय नहीं किए जाने से इस क्षेत्र को समर्थन मिला.
आईटी शेयरों में सप्ताह के दौरान 1 फीसदी की तेजी आई. शुक्रवार को टीसीएस के नतीजों के बाद आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली.
कुल मिलाकर, आठ हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार में आई तेजी से निवेशकों को राहत मिली है, लेकिन तकनीकी संकेतक अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुए हैं. अगले सप्ताह निफ्टी का 22,600 के ऊपर टिकना या 22,400 के नीचे फिसलना बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे, आय वृद्धि के संकेत और कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगी.