वह सन 2014 के सितंबर माह के अंतिम सप्ताह का अविस्मरणीय दिन था। राजधानी में रायपुर में कौन बनेगा करोड़पति’ धारावाहिक की शूटिंग होनी थी इसलिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का छत्तीसगढ़ पधार रहे थे। नवभारत को पता चला तो हमने उनकी टीम से संपर्क साधते हुए बच्चन साहब से मुलाकात के लिए समय मांगा। चूंकि सभी मीडिया हाउस उनका इंटरव्यू करना चाहते थे इसलिए बिग बी की टीम के सामने किसे चुने’ का असमंजस था मगर माहेश्वरी परिवार के साथ पुराने संबंधों को देखते हुए उनकी टीम ने नवभारत मीडिया समूह को यह अवसर दिया।
हम आल्हादित और उत्साह से भरे थे। अमिताभ जी से साक्षात्कार के लिए 15 मिनट का समय तय हुआ। लोकसभा के पूर्व सदस्य रह चुके अमिताभ बच्चन का रायपुर शहर आना और तीन दिन रहना बड़ी बात थी। हमने तैयारियां शुरू की और ग्लैमर’ नाम का चार पेज का फीचर बच्चन जी के जीवन पर तैयार कर लिया। हम बेसब्री से उनके आने का इंतजार कर रहे थे और आखिर वह दिन आ ही गया।
अमिताभ जी से एक पांच सितारा होटल में नवभारत टीम की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय हुई। इसके पहले उन्होंने देर रात तक केबीसी की शूटिंग की थी। फिर भी वे समय पर हमारे सामने थे। स्मृति में कैद धुंधली यादें बताती हैं कि अमिताभ जी ने क्रीम रंग का कुर्ता पजामा पहना था और उपर एक शॉल ओढ़ रखी थी। बड़ी फ्रेम का काला चश्मा उनके व्यक्तित्व पर खूब फब रहा था। वे हमसे गर्मजोशी के साथ मिले। टीम से परिचय के बाद हमने उन्हें नवभारत समाचार—पत्र का विशेष अंक ग्लैमर’ दिखाया तो फ्रण्ट पेज पर अपनी बड़ी तस्वीर देखकर बच्चन साहब मुस्कुराए और उसकी सराहना की।
सामान्य परिचय के बाद नवभारत की अमिताभ बच्चन से बातचीत शुरू हुई। इसकी शुरूआत उनके अनुकरणीय विजन के साथ हुई। दरअसल अमिताभ बच्चन के सोशल मीडिया एकाउंट पर एक फोटो लगी थी जिसमें उन्होंने अपने साथ खड़े वीआईपीज की फोटो को ब्लैक एण्ड व्हाइट कर दिया था और छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैंसा के प्रतीक को कलर में दिया था। यह एक तरह से छत्तीसगढ़ का सम्मान था। प्रतीक चिहन संभवत: तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने दिया था जिसकी तस्वीर सभी मीडिया हाउस ने प्रकाशित की थी। खैर..हमने इसका जिक्र किया तो वे मुस्कुराए। उन्होंने अपने सामने खड़े व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘यह कमाल इन महाशय का है जो मेरा सोशल मीडिया संभालते हैं इसलिए इन्हें धन्यवाद दीजिए। यह उदाहरण दर्शाता है कि बच्चन साहब इतने महान इसलिए हैं क्योंकि वे अपनी टीम के प्रत्येक सदस्य की मेहनत को क्रेडिट और सम्मान देते हैं।
बच्चन साहब से मुलाकात के लिए मात्र 15 मिनट तय हए थे मगर हम 35 मिनट तक उनके साथ रहे। मुलाकात के एक दिन पहले केबीसी की शूटिंग का कवरेज ‘नवभारत और सेंट्रल क्रानिकल’ ने अलग—अलग किया था। बिग बी से हमने आटोग्राफ मांगा तो उनकी प्रत्युतपन्नमति देखकर हम आश्चर्य में पड़ गए। अमित जी ने दैनिक नवभारत को हिंदी में और सेंट्रल क्रॉनिकल को अंग्रेजी में आटोग्राफ दिए। जिसे हमने आज भी सुरक्षित रखा है। नवभारत की अमिट थाती है वह। चलते—चलते हमने पूछ लिया कि सर रिहर्सल करने कब जाएंगे, बच्चन साहब ने हमें लाजवाब करते हुए कहा कि ‘जब आप हमें छोड़ देंगे।’

(रायपुर में केबीसी शूट हुआ तो अमिताभ ने यह तस्वीर शेयर की थी)