असम. गृह मंत्रालय के कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड ने प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना (पीएमएसएस) की नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियमों के मुताबिक अब राज्य पुलिस के जवानों के बच्चों को प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप मिल सकेगी। विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में काम कर रहे जवानों के परिवार के बच्चों को अवसर मिलेगा।
सूतों ने बताया कि यह स्कॉलरशिप सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस, असम राइफल्स, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस जवानों के परिवार के लिए है।
करीब 20 साल पहले 2006-07 में शुरू हुई योजना का मकसद जवानों के बच्चों को अच्छी पढ़ाई में मदद देना है।
साल 2019-20 से इसमें उन राज्य पुलिस जवानों के बच्चे भी जोड़े गए, जो आतंकी या नक्सली हमले में शहीद हुए। इसके तहत हर साल 2000 नई स्कॉलरशिप जारी की जाती है। इनमें 1000 लड़के और 1000 लड़कियां तय हैं। इसके अलावा शहीद राज्य पुलिस जवानों के बच्चों (250 लड़के व 250 लड़कियां) को शामिल किया जाता है। यह कोटा आपस में बदला नहीं जा सकता।
क्या है प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप
प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (PMSS – रक्षा मंत्रालय) पूर्व सैनिकों, मृत सैनिकों के बच्चों और विधवाओं को तकनीकी व प्रोफेशनल कोर्सेज (इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमबीए आदि) के लिए मदद。
राशि: लड़कों को ₹2,500/- और लड़कियों को ₹3,000/- प्रति माह (वार्षिक आधार पर भुगतान)।
पीएम-यशस्वी छात्रवृत्ति योजना (PM-YASASVI): उद्देश्य: अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) और घुमंतू जातियों (DNT) के कक्षा 9 से 12 तक के मेधावी छात्रों के लिए।
शर्त: परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम (PM Cares for Children): उद्देश्य: कोविड-19 या अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों की पढ़ाई के लिए। राशि: प्रति बच्चा ₹20,000/- प्रति वर्ष (जिसमें मासिक और वार्षिक शैक्षणिक भत्ता शामिल है)।