कांग्रेस ने ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुए भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिजन को कम से कम 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इस चक्रवात ने पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में दस्तक दी थी और ओडिशा के दक्षिणी इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया था। विपक्षी दल ने गंजाम जिले के किसानों का कृषि ऋण पूरी तरह माफ किए जाने की भी मांग की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है तथा किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने शुक्रवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बाढ़ प्रभावित गंजाम जिले का दौरा किया और ये मांगें कीं।
दास ने कंधमाल और गंजाम जिलों की सीमा पर भंजनगर प्रखंड के घिड़ीपाबली गांव में भूस्खलन के कारण हताहत हुए लोगों के परिवारों से बज्रकोटा उच्च प्राथमिक विद्यालय में मुलाकात की। एक अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी पर बसे इस गांव में भूस्खलन स्थल से अब तक कम से कम सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
अधिकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात गांव में भूस्खलन होने के बाद शुरूआत में 13 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, जबकि 13 अन्य लोग अपनी जान बचाकर निकलने में सफल रहे थे। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं। चक्रवात के दौरान कंधमाल जिले के रायकिया प्रखंड में एक अन्य भूस्खलन में एक दंपति और उनके बच्चे की मौत हो गई थी।
ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण कुल 11 लोगों की मौत की सूचना मिली है। इनमें से 10 लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई, जबकि गजपति जिले में एक व्यक्ति बाढ़ के पानी में बह गया। दास ने एक बयान में कहा, ”हम भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की मांग करते हैं। इसके अलावा घटना में घायल हुए लोगों को भी सहायता दी जानी चाहिए।” कांग्रेस नेता ने उन दो किसानों के परिवारों से भी मुलाकात की, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
दास ने अस्का, भंजनगर, सोरडा और शेरगड़ा प्रखंडों का दौरा करने के बाद कहा कि गंजाम सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से फसलों एवं संपत्ति को मिलाकर संभवत: लगभग 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ से प्रभावित बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भी दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों से बातचीत कर नुकसान का जायजा लिया। पार्टी ने दावा किया कि शुरूआती अनुमान के अनुसार, अकेले अस्का में कारोबारियों को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पका हुआ भोजन वितरित करना बंद कर दिया गया है और अनेक राहत शिविरों में शरण लेने वाले लोगों के लिए पर्याप्त जगह एवं जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। दास ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है, लेकिन यह राशि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। दास और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का शनिवार को गजपति जिले का दौरा करने का कार्यक्रम है।