लुलु मॉल में अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ने के चार आरोपी गिरफ्तार किये गये

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 19 Jul 2022 09:52 PM
लुलु मॉल में अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ने के चार आरोपी गिरफ्तार किये गये

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस ने यहां लुलु मॉल में अनधिकृत रूप से नमाज पढ़ने के चार आरोपियों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया , जबकि चार अन्य की तलाश की जा रही है. गिरफ्तारी के बाद मॉल में घुसने का प्रयास कर रहे अयोध्या के महंत परमहंस को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस घटना से संबंधित वायरल वीडियो में महंत यह कहते सुने जा सकते कि उन्हें मॉल में जाने से इसलिए रोका जा रहा हैं क्योंकि वह भगवा वस्त्र पहने हुए हैं.

पुलिस के अनुसार अनधिकृत रूप से नमाज पढ़ने वाले आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनमें से मॉल का कोई कर्मचारी नहीं हैं.
पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने मंगलवार को ‘भाषा’ से कहा, ‘‘मॉल में अनधिकृत रूप से नमाज पढ़ने को लेकर चार लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. उनकी पहचान मो रेहान और आतिफ खान, मो लोकमान और मो नोमान के रूप में की गयी है. वे सभी लखनऊ के रहने वाले हैं.’’ उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) अंबरीश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में एक अगस्त तक के लिए जेल भेज दिया गया. इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार रात कहा,‘‘लखनऊ प्रशासन को बहुत गंभीरता से इसे लेना चाहिए और इस प्रकार की किसी भी शरारत को स्वीकार नहीं करना चाहिए . उसे ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटना चाहिए जो अनावश्यक मामलों को बढ़ावा देकर माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं .’

मंगलवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. यादव ने अपने ट्वीट में कहा ” अब तो मान्यवर (योगी) स्वयं कह रहे हैं कि मॉल पर कोई राजनीति कर रहा हैङ्घ जनता कह रही है जब लगाम आपके हाथ में है तो और कौन इस सत्ता का सूत्रधार हो सकता हैङ्घ या फिर इस सत्ता के धागे किसी और के हाथ में हैं.” यादव ने महंत परमहंस का एक वीडियो भी ट्वीट में साझा किया है जिसमें वह पुलिस से झड़प करते दिखाई दे रहे हैं. ठाकुर ने बताया कि लुलु मॉल में प्रवेश का प्रयास करने पर महंत परमहंस को हिरासत में ले लिया गया है.

गौरतलब है कि बुधवार यानी 13 जुलाई को लुलु मॉल में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था . पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों पर शिकंजा कसा है. इसी मामले पर दक्षिणपंथी संगठन अखिल भारतीय ंिहदू महासभा के कुछ सदस्यों ने बृहस्पतिवार 14 जुलाई को लुलु मॉल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया था.

खुद को महासभा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बताने वाले शिशिर चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि अगर एक समुदाय विशेष के लोगों को मॉल के अंदर नमाज पढ़ने की अनुमति दी जा रही है, तब मॉल के अधिकारियों को ंिहदुओं तथा अन्य धर्मावलंबियों को भी मॉल के अंदर प्रार्थना करने की इजाजत देनी चाहिए. शिशिर चतुर्वेदी और संगठन के अन्य लोगों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी.

इस बीच, लुलु मॉल के महाप्रबंधक समीर वर्मा ने एक वीडियो जारी कर कहा था “लुलु मॉल सभी धर्मों का आदर करता है. मॉल के अंदर किसी भी तरह का धार्मिक कार्य या इबादत की इजाजत नहीं है. हम अपने स्टाफ तथा सुरक्षा र्किमयों को ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने का प्रशिक्षण देते हैं.” मॉल प्रबंधन ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा,‘‘हमारे यहां जितने भी कर्मी है, उनमें स्थानीय उत्तर प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों के लोग हैं. उनमें से 80 प्रतिशत से अधिक ंिहदू हैं तथा शेष मुस्लिम, इसाई एवं अन्य है.’ चतुर्वेदी की शिकायत में कहा गया था, ‘‘मॉल के अंदर नमाज पढ़ी गई जो सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होने संबंधी नीति के खिलाफ है.

सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक लुलु मॉल में पुरुष स्टाफ र्किमयों में 70% मुस्लिम है और 30% महिला स्टाफ ंिहदू समुदाय से है. ऐसा करके लुलु मॉल प्रबंधन लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा है.” गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मॉल कहे जा रहे लुलु मॉल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई को उद्घाटन किया था. इस दौरान राज्य सरकार के कई मंत्री तथा लुलु समूह के अध्यक्ष युसूफ अली भी मौजूद थे.

By Yogesh Kumar Sahu