तानाशाह सरकार के खिलाफ एक और ‘करो या मरो’ जैसे आंदोलन की ज़रूरत: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 08 Aug 2022 06:21 PM
तानाशाह सरकार के खिलाफ एक और ‘करो या मरो’ जैसे आंदोलन की ज़रूरत: राहुल

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ पर सोमवार को कहा कि मौजूदा ‘तानाशाह सरकार’ के खिलाफ और देश की रक्षा के लिए एक और ‘करो या मरो’ जैसे आंदोलन की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि तानाशाही, महंगाई और बेरोजÞगारी को भारत छोड़ना ही होगा.

कांग्रेस नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘इतिहास का वो पन्ना जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता – ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन. 8 अगस्त 1942 को मुंबई से शुरू हुए इस आंदोलन ने अंग्रेजÞों की नींद उड़ा दी थी. अगस्त की उस शाम को मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में लोगों ने जुटना शुरू किया, गांधी जी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया और बस ंिहदुस्तान में अंग्रेजÞी हुकूमत का आŸिखरी अध्याय शुरू हो गया.’’

राहुल गांधी के अनुसार, ‘‘अपनी ज़िन्दगी की परवाह किए बŸगैर लाखों देशवासी इस आंदोलन में कूद पड़े, इस आंदोलन में लगभग 940 लोग शहीद हुए और हज़ारों गिरफ्तारियां हुईं. आज, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर मैं उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज ंिहदुस्तान की तानाशाह सरकार के खिलाफ और देश की रक्षा के लिए एक और ‘करो या मरो’ जैसे आंदोलन की ज़रुरत है, अब समय आ गया है जब, अन्याय के खिलाŸफ, बोलना ही होगा. तानाशाही, महंगाई और बेरोजÞगारी को भारत छोड़ना ही होगा.’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने देश में बेरोजगारी बढ़ने से संबंधित एक ग्राफ का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘जÞरूरत: घर-घर रोजÞगार. असलियत: हर घर बेरोजÞगार.’’

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu