टाइटैनिक का मलबा देखने गई पनडुब्बी में ऑक्सीजन खत्म होने के करीब

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 22 Jun 2023 08:24 PM
टाइटैनिक का मलबा देखने गई पनडुब्बी में ऑक्सीजन खत्म होने के करीब
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दुबई. अटलांटिक महासागर में अप्रैल 1912 में डूबे टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने गई पनडुब्बी के लापता हो जाने के बाद उसे ढूंढने के लिए 96 घंटे की समय सीमा समाप्त होने के करीब है क्योंकि इसमें उपलब्ध ऑक्सीजन तेजी से खत्म होती जा रही है. ‘टाइटन’ नाम की इस पनडुब्बी में पांच लोग सवार हैं. रविवार सुबह छह बजे उत्तर अटलांटिक में अपनी यात्रा पर पनडुब्बी के रवाना होते समय चालक दल के पास केवल चार दिन के लिए ही ऑक्सीजन थी.

अमेरिकी तटरक्षक और पनडुब्बी की यात्रा से संबद्ध कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर ऑक्सीजन खत्म होने की समय सीमा (भाारतीय समयानुसार) अपराह्न साढ़े तीन बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच है. विशेषज्ञों ने कहा है कि यह एक अनुमान है और यदि पनडुब्बी में सवार लोग ऑक्सीजन संरक्षित करने के उपाय करते हैं तो यह समय सीमा बढ़ सकती है. और यह भी मालूम नहीं है कि रविवार सुबह पनडुब्बी के लापता हो जाने के बाद से वे जीवित भी हैं, या नहीं. बचावर्किमयों ने पनडुब्बी के लापता होने के स्थान पर और भी पोत भेजे हैं.

अमेरिकी तटरक्षक ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक कनाडाई जहाज द्वारा भेजा गया एक रोबोट समुद्र के तल पर पहुंच गया है और उसने पनडुब्बी की तलाश शुरू कर दी है. अधिकारियों को उम्मीद है कि समुद्र के नीचे से आ रही ध्वनि तरंगें उन्हें पनडुब्बी तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं. यात्रा का नेतृत्व कर रहे ओसनगेट एक्सपेडिशंस 2021 से समुद्री यात्राओं के जरिये समुद्र के अंदर टाइटैनिक के आसपास के वातावरण का अध्ययन कर रहा है.

ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे में मरीन जियोफिजिस्ट डॉ रोब लार्टर ने पनडुब्बी को ढूंढने में परेशानी पेश आने का जिक्र किया, जो करीब 22 फुट लंबा और नौ फुट ऊंचा है. उन्होंने कहा, ”आप पूरी तरह से अंधेरे में तीर चला रहे हैं. जब तक आपको उस स्थान के बारे में थोड़ी भी जानकारी नहीं मिल जा जाती है यह काम बहुत ही मुश्किल है.” तटरक्षक के ‘इंटरनेशनल आइस पैट्रोल’ में मुख्य वैज्ञानिक रह चुके समुद्र विज्ञानी डोनाल्ड मर्फी ने कहा कि उत्तर अटलांटिक महासागर का वह क्षेत्र, जहां टाइटन रविवार को लापता हो गया, धुंध और (समुद्री) तूफान संभावित वाला है. इससे तलाश एवं बचाव अभियान चलाना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है. इस बीच, ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं कि पनडुब्बी की यात्रा के संबंध में सुरक्षा को लेकर कई चेतावनियां दी गयी थीं.

फर्स्ट कोस्ट गार्ड डि्ट्रिरक्ट के कैप्टन जेमी फ्रेडरिक ने एक दिन पहले कहा था कि अधिकारी पनडुब्बी में सवार पांच यात्रियों को बचा लेने की अब भी उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने बुधवार को कहा, ”यह शत प्रतिशत एक तलाश एवं बचाव अभियान है.” अमेरिकी नौसेना ने एक बयान में बुधवार को कहा कि वह एक विशेष उपकरण भेज रहा है जो समुद्र के अंदर विमान जैसी बड़ी वस्तुओं और छोटी नौकाओं तक का पता लगा सकता है.

नौसेना ने अपने बयान में कहा कि टाइटन का वजन 9,000 किलोग्राम है और उसका विशेष उपकरण 27,200 किग्रा तक भार उठा सकने में सक्षम है. लापता पनडुब्बी में इसके पायलट एवं ओसनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश हैं. उनके यात्रियों में एक ब्रिटिश अरबपति, पाकिस्तान के एक कारोबारी और उनके बेटे, फ्रांसीसी खोजकर्ता और टाइटैनिक विशेषज्ञ पॉल हेनरी नागेलोट शामिल हैं.

कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, 2021 और 2022 में टाइटैनिक का मलबा देखने के लिए कम से कम 46 लोगों ने सफलतापूर्वक ओशियनगेट की पनडुब्बी में यात्रा की थी. उल्लेखनीय है कि टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा वाष्प इंजन चालित यात्री जहाज था. अप्रैल 1912 में अटलांटिक महासागर में अपनी पहली यात्रा पर रवाना होने के चार दिन बाद यह एक बर्फीली चट्टान से टकराने के कारण डूब गया था. पिछले साल रोड आइलैंड के तट के पास इस जहाज का मलबा पाया गया था.

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