लाहौर/इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान जारी किये गये एक संयुक्त बयान में उनके देश को ‘भारत में आतंकवाद को सीमा पार से बढ़ावा देने वाला’ बताया गया है.
बृहस्पतिवार को हुई बैठकों और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद अपने संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले, और पठानकोट हमले के अपराधियों को दंडित करने की पाकिस्तान से अपील की.
बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद से निपटने में “कोई किंतु-परंतु” नहीं हो सकता है और उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख खान ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की मौजूदा गठबंधन सरकार और पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की उनके फर्जी दावों तथा अमेरिका की अनगिनत यात्राओं के लिए आलोचना की.
खान ने शुक्रवार को किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, “हम पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पीडीएम से यह सवाल पूछना चाहते हैं कि सरकार में एक साल रहने और पाकिस्तान के विदेश मंत्री की अमेरिका की अनगिनत यात्राओं के बाद, भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान पाकिस्तान को भारत में सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताता है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल बाजवा ने अपने पीडीएम साथियों के साथ दावा किया कि उन्होंने (खान ने) पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है. उन्होंने कहा, “आयातित सरकारी प्रयोग ने न केवल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अप्रासंगिक बना दिया है, बल्कि हमारा लोकतंत्र, कानून का शासन और संपूर्ण आर्थिक और संस्थागत ढांचा भी हमारी आंखों के सामने ढह रहा है.”
आतंकवाद समाप्त करने संबंधी मोदी, बाइडन का संयुक्त आह्वान पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियों में रहा
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संगठनों ने भारत और अमेरिका की उस संयुक्त मांग पर ध्यान केंद्रित किया जिसमें यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवादी हमले के लिए नहीं किया जाये. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पाकिस्तान से 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमले और पठानकोट हमले के अपराधियों को दंडित करने का भी आह्वान किया है.
‘डॉन’ अखबार की वाशिंगटन से जारी एक खबर में कहा गया है कि संयुक्त बयान में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया गया है. संयुक्त बयान में बृहस्पतिवार को कहा गया, ”अमेरिका और भारत वैश्विक आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक साथ खड़े हैं और आतंकवाद के सभी रूपों की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं.” रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडन ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आ”ान किया कि उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों के लिए नहीं किया जाये.
‘जियो न्यूज’ की खबर के अनुसार, ”अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की कि पाकिस्तानी सरजमीं का इस्तेमाल ”आतंकवादी हमले करने” के लिए नहीं किया जाये.” इसमें कहा गया है कि बाइडन और मोदी ने अलकायदा, दाएश और हिजबुल-मुजाहिदीन सहित सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान भी किया.
समाचार पत्र ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की खबर के अनुसार मोदी के अमेरिका के राजकीय दौरे पर जारी एक संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया गया है. मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर 21-24 जून तक अमेरिका की यात्रा पर हैं.