नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा देश के विभिन्न दलों के नेताओं ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण की सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे देश की अंतरिक्ष यात्रा में एक ‘नया अध्याय’ बताया वहीं राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति के प्रति राष्ट्र की दृढ. प्रतिबद्धता को प्रर्दिशत करता है.
इसरो ने शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण किया. कल शुरू हुई 25.30 घंटे की उलटी गिनती के अंत में एलवीएम3-एम4 रॉकेट यहां स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र के दूसरे ‘लॉन्च पैड’ से अपराह्न 2.35 बजे निर्धारित समय पर धुएं का घना गुबार छोड़ते हुए शानदार ढंग से आकाश की ओर रवाना हुआ.
राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से ट्वीट किया, ”भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर है. इसके लिए इसरो, टीम और उन सभी को शुभकामनाएं, जिन्होंने इस कार्य को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया.” राष्ट्रपति ने कहा कि यह अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति के प्रति राष्ट्र की दृढ. प्रतिबद्धता को प्रर्दिशत करता है.
मुर्मू ने कहा, ” चंद्र अभियान की सफलता पर मेरी शुभकामनाएं.” प्रधानमंत्री मोदी ने यान के प्रक्षेपण के तत्काल बाद एक ट्वीट में कहा, ”चंद्रयान-3 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय लिखा है. यह हर भारतीय के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को ऊपर उठाते हुए ऊंची उड़ान भरता है. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है. मैं उनकी भावना और सरलता को सलाम करता हूं!” इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन हमेशा ्स्विवणम अक्षरों में अंकित रहेगा तथा यह राष्ट्र की आशाओं और सपनों को आगे बढ.ाएगा.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई देते हुए कहा कि यह ‘असाधारण उपलब्धि’ अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में भारत द्वारा की गई प्रगति को दर्शाती है. धनखड़ ने ट्वीट किया, ”चंद्रयान-3 के ऐतिहासिक प्रक्षेपण के लिए इसरो की टीम को बधाई! यह असाधारण उपलब्धि देश द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में की गई प्रगति को उजागर करती है. भारत की शानदार अंतरिक्ष यात्रा में यह मील का पत्थर है और हर भारतीय को गौरवान्वित करता है.”
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने ट्वीट किया, ”भारत ने आज चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के साथ अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा शुरू की. इसरो के वैज्ञानिकों को मेरी हार्दिक बधाई, जिनके अथक प्रयास ने आज भारत को एक उल्लेखनीय अंतरिक्ष यात्रा की पटकथा लिखने के रास्ते पर प्रेरित किया है, जिसका जश्न आने वाली पीढि.यां मनाएंगी.” कांग्रेस ने ‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण किए जाने के लिए वैज्ञानिकों का आभार जताते हुए कहा कि यह वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए गए दशकों के श्रम का फल है तथा पूर्व प्रधानमंत्रियों के दृष्टिकोण एवं दूरर्दिशता का प्रमाण भी है.
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के आत्मनिर्भर होने का एक लंबा इतिहास रहा है और इस दौरान इसे राजनीतिक नेतृत्व का भरपूर सहयोग मिला है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ”हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण में शामिल सभी लोगों का उनकी जबरदस्त प्रतिभा, समर्पण, कौशल और कड़ी मेहनत के लिए आभार. हमें इस शानदार उपलब्धि के लिए आपमें से हर व्यक्ति पर बहुत गर्व है.”
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस पार्टी की तरफ से हम इसरो की बेहतरीन टीम को आभार प्रकट करते हैं. भारत का चंद्रमा का मिशन 2008 में चंद्रयान-1 के साथ शुरू हुआ, जिसने चंद्रमा पर जल के अणुओं की उपस्थिति की पुष्टि की थी! यह हमारे देश की एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी!” खरगे यह भी कहा, ”चंद्रयान-2 ने पहली बार रिमोट सेंसिंग के माध्यम से क्रोमियम, मैंगनीज और सोडियम की उपस्थिति का भी पता लगाया. हमारे वैज्ञानिकों की दृढ. इच्छाशक्ति व्यर्थ नहीं गई.” उनके अनुसार, ”आज, चंद्रयान-3 हमारे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित नेहरू जी, लाल बहादुर शास्त्री जी, इंदिरा गांधी जी, नरसिंह राव जी, राजीव गांधी जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी और मनमोहन सिंह जी के नजरिये, दूरर्दिशता और उपलब्धि का प्रमाण है.”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”यह डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. सतीश धवन और उन अनगिनत दूरदर्शी वैज्ञानिकों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने हमारे लोगों के लिए सामाजिक विकास और वैज्ञानिक सोच स्थापित करने के लिए अपना जीवन सर्मिपत कर दिया.” उन्होंने नेहरू के एक कथन का उल्लेख भी किया.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”आज, हम एक अरब से अधिक लोग गर्व से आकाश की ओर देख रहे हैं. चंद्रयान- 3, 1962 में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत और 1969 में इसरो के निर्माण के बाद से वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए गए दशकों के श्रम का फल है.” उनका कहना है कि भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है.
राहुल गांधी ने कहा, ”सच में यह एक शानदार उपलब्धि है. इसरो की पूरी टीम को बधाई.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ”चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित होना हम सभी भारतीयों के लिए बेहद गर्व और उत्साह का अवसर है. इस अवसर पर हम 22 अक्टूबर, 2008 को चंद्रयान-1 और 22 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण को भी याद करते हैं.” उन्होंने कहा, ”भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के आत्मनिर्भर होने का एक लंबा इतिहास रहा है और इस दौरान इसे राजनीतिक नेतृत्व का भरपूर सहयोग मिला है.
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर कहा, ”इसरो का सपना पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी जी ने देखा था और राजीव गांधी जी और मनमोहन सिंह जी इसे ऊंचाइयों पर ले गए. आज इसने नया आयाम स्थापित किया है. हम सभी के लिए यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है.”
कांग्रेस ने चंद्रयान-3 के लिए वैज्ञानिकों का आभार जताया, पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को याद किया
कांग्रेस ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए भारत के तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण किए जाने के लिए वैज्ञानिकों का आभार जताते हुए शुक्रवार को कहा कि यह वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए गए दशकों के श्रम का फल है तथा पूर्व प्रधानमंत्रियों के दृष्टिकोण एवं दूरर्दिशता का प्रमाण भी है. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के आत्मनिर्भर होने का एक लंबा इतिहास रहा है और इस दौरान इसे राजनीतिक नेतृत्व का भरपूर सहयोग मिला है.
इसरो ने शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण किया. कल शुरू हुई 25.30 घंटे की उलटी गिनती के अंत में एलवीएम3-एम4 रॉकेट यहां स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र के दूसरे ‘लॉन्च पैड’ से अपराह्न 2.35 बजे निर्धारित समय पर धुएं का घना गुबार छोड़ते हुए शानदार ढंग से आकाश की ओर रवाना हुआ.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ”हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण में शामिल सभी लोगों का उनकी जबरदस्त प्रतिभा, समर्पण, कौशल और कड़ी मेहनत के लिए आभार. हमें इस शानदार उपलब्धि के लिए आपमें से हर व्यक्ति पर बहुत गर्व है.”
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस पार्टी की तरफ से हम इसरो की बेहतरीन टीम को आभार प्रकट करते हैं. भारत का चंद्रमा का मिशन 2008 में चंद्रयान-1 के साथ शुरू हुआ, जिसने चंद्रमा पर जल के अणुओं की उपस्थिति की पुष्टि की थी! यह हमारे देश की एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी!” खरगे यह भी कहा, ”चंद्रयान-2 ने पहली बार रिमोट सेंसिंग के माध्यम से क्रोमियम, मैंगनीज और सोडियम की उपस्थिति का भी पता लगाया. हमारे वैज्ञानिकों की दृढ. इच्छाशक्ति व्यर्थ नहीं गई.”
उनके अनुसार, ”आज, चंद्रयान-3 हमारे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित नेहरू जी, लाल बहादुर शास्त्री जी, इंदिरा गांधी जी, नरसिंह राव जी, राजीव गांधी जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी और मनमोहन सिंह जी के नजरिये, दूरर्दिशता और उपलब्धि का प्रमाण है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”यह डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. सतीश धवन और उन अनगिनत दूरदर्शी वैज्ञानिकों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने हमारे लोगों के लिए सामाजिक विकास और वैज्ञानिक सोच स्थापित करने के लिए अपना जीवन सर्मिपत कर दिया.” उन्होंने नेहरू के एक कथन का उल्लेख भी किया.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कह, ”आज, हममें से एक अरब से अधिक लोग गर्व से आकाश की ओर देख रहे हैं. चंद्रयान- 3, 1962 में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत और 1969 में इसरो के निर्माण के बाद से वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए गए दशकों के श्रम का फल है.” उनका कहना है कि भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है.
राहुल गांधी ने कहा, ”सच में यह एक शानदार उपलब्धि है. इसरो की पूरी टीम को बधाई.”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ”चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित होना हम सभी भारतीयों के लिए बेहद गर्व और उत्साह का अवसर है. इस अवसर पर हम 22 अक्टूबर, 2008 को चंद्रयान-1 और 22 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण को भी याद करते हैं.” उन्होंने कहा, ”भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के आत्मनिर्भर होने का एक लंबा इतिहास रहा है और इस दौरान इसे राजनीतिक नेतृत्व का भरपूर सहयोग मिला है.
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर कहा, ”इसरो का सपना पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी जी ने देखा था और राजीव गांधी जी और मनमोहन सिंह जी इसे ऊंचाइयों पर ले गए. आज इसने नया आयाम स्थापित किया है. हम सभी के लिए यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है.”