बिलासपुर. छत्तीसगढ. उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य के कथित शराब घोटाला मामले में कारोबारी अनवर ढेबर और तीन अन्य की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ता ने यह जानकारी दी. ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने शुक्रवार को कथित शराब घोटाला मामले में कारोबारी अनवर ढेबर और तीन अन्य की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं.
पांडेय ने बताया कि अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, नितेश पुरोहित और आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे अरुणपति त्रिपाठी की ओर से उच्च न्यायालय में नियमित जमानत याचिकाएं लगाई गई थीं. चारों आरोपियों को पिछले दिनों ईडी ने गिरफ्तार किया था जिसमें अनवर, त्रिलोक और नितेश स्वास्थ्यगत कारणों से अंतरिम जमानत पर थे. न्यायालय ने सभी की अंतरिम जमानत भी खारिज कर दी है.
ईडी ने आबकारी मामले में छापे की कार्रवाई की थी और कहा था कि राज्य में दो हजार करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ है. पूछताछ के बाद ईडी ने रायपुर के कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था. बाद में ईडी ने इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी ए पी त्रिपाठी, कारोबारी त्रिलोक ढिल्लन, नितेश पुरोहित आदि को भी गिरफ्तार किया था. उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्यगत कारणों से अनवर, त्रिलोक और नितेश को अंतरिम जमानत दी थी.
पांडेय ने बताया कि पिछले दिनों ढेबर सहित सभी आरोपियों ने न्यायालय में नियमित जमानत के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल किया था. शुक्रवार को उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति गौतम भादुडी की एकल पीठ के समक्ष सभी की नियमित जमानत अर्जियों पर एक साथ सुनवाई हुई. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी.
ईडी के मुताबिक एक सिंडिकेट ने छत्तीसगढ. में शराब के व्यापार में एक बड़ा घोटाला किया है जिसमें राज्य सरकार के उच्च-स्तरीय अधिकारी, निजी व्यक्ति और राजनीति से जुड़े लोग शामिल हैं. ईडी का आरोप है कि उन्होंने 2019-22 के बीच दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार किया. ईडी ने इस मामले में ढेबर समेत अन्य लोगों गिरफ्तार किया था. मामले की जांच के दौरान ईडी ने अदालत में 13 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी. ईडी ने इस मामले में अनवर ढेबर सहित कुछ कारोबारियों तथा अन्य लोगों को आरोपी बनाया है तथा उनकी संपत्ति कुर्क की है.