काठमांडू. फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के रॉकेट हमलों में इजराइल में नेपाल के 10 नागरिकों की मौत हो गयी तथा चार अन्य घायल हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी. हमास ने शनिवार को दक्षिणी इजराइल में हवाई हमले किए जिसमें सैनिकों समेत कम से कम 700 लोगों की मौत हो गयी और करीब 2,000 लोग घायल हुए हैं.
इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमास के अहम ठिकानों पर हमले किए. इजराइल और गाजा में करीब 1,000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने यहां एक बयान में बताया कि इजराइल में हमास के हालिया हमले में 10 नेपाली नागरिकों की मौत हो गयी. उसने बताया कि किब्बुत्ज एलुमिम में एक खेत में काम कर रहे नेपाल के 17 नागरिकों में से दो को सुरक्षित बचा लिया गया, चार घायल हो गए तथा एक अभी लापता है.
यरुशलम में नेपाल दूतावास ने एक बयान में कहा, ”हमें उस घटनास्थल से 10 नेपाली नागरिकों की मौत की सूचना मिली है जहां हमास ने हमला किया था.” सैन्य सूत्रों के अनुसार, हमास के हमले में मारे गए सभी 10 लोग पश्चिमी नेपाल में सुदूर पश्चिम विश्वविद्यालय के कृषि पाठ्यक्रम के छात्र थे.
इजराइल में अभी नेपाल के 4,500 नागरिक देखरेख कर्मी के तौर पर काम रहे हैं. इजराइली सरकार के ‘लर्न एंड अर्न’ कार्यक्रम के तहत इजराइल में नेपाल के कुल 265 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. उनमें से 119 कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय के, 97 त्रिभुवन विश्वविद्यालय के और 49 सुदूर पश्चिम विश्वविद्यालय के हैं. उनमें से सभी कृषि पाठ्यक्रम के स्नातक स्तर के छात्र हैं.
दूतावास ने कहा, ”हम घटना में मारे गए लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. एक लापता नेपाली नागरिक की तलाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं. शिनाख्त होने के बाद शव जल्द ही नेपाल लाए जाएंगे.” नेपाल सरकार ने इजराइली सरकार से अनुरोध किया है कि जिन घायलों का इलाज हो रहा है, उनके लिए आवश्यक बंदोबस्त किए जाएं.
मंत्रालय ने कहा कि वह स्वदेश लौटने के इच्छुक अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए इजराइली सरकार और तेल अवीव में दूतावास के संपर्क में है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ”नेपाल सरकार युद्धग्रस्त क्षेत्र से जल्द से जल्द अपने नागरिकों को निकालने के लिए प्रतिबद्ध है.”
इसमें कहा गया है, ”मंत्रालय में इजराइल में स्थिति का जायजा लेने, नेपाली नागरिकों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर नेपाली नागरिकों को बचाने के प्रयास करने के लिए विदेश मंत्री एन पी सौद के नेतृत्व में गठित समन्वय तंत्र की बैठक चल रही है.” ‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, नेपाल के मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल से नेपालियों को बचाने के वास्ते इजराइल के अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात करने के लिए भी कहा है.
यूएमएल के मुख्य सचेतक पदम गिरी ने संसद में कहा, ”बयान जारी करना और सदन को सूचित करना पर्याप्त नहीं है. सरकार को संकट के इस वक्त में अपने नागरिकों के संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए.” इस बीच, पश्चिमी नेपाल में हजारों छात्रों ने मौन जुलूस निकाला और सरकार से इजराइल में फंसे नेपाली नागरिकों को तत्काल सुरक्षित निकालने के लिए कदम उठाने की मांग की.
इज़राइल में फंसे नेपाली विद्यार्थियों ने वीडियो संदेश भेजकर सरकार से उन्हें निकालने की अपील की
इज़राइल में फलस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के हमले के बाद बंकरों में रह रहे नेपाल के विद्यार्थियों ने एक वीडियो संदेश भेजकर अपनी सरकार से उनकी वतन वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है. गाजा पट्टी पर शासन करने वाले हमास ने शनिवार सुबह अचानक से दक्षिणी इजराइल पर हमला कर दिया था और तबाड़तोड़ रॉकेट हमले किए थे.
नेपाली भाषा के ऑनलाइन समाचार पोर्टल ‘सेतोपाटीडॉटकॉम’ की खबर के मुताबिक, वीडियो में विद्यार्थियों ने कहा, ह्ल हम इस बंकर में सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि पहले हमास के लोगों ने बंकर में घुसकर हमारे दोस्तों को बेरहमी से मार डाला था और हम नहीं चाहते कि हमारा भी यही हाल हो.ह्व विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, ‘लर्न एंड अर्न’ अध्ययन कार्यक्रम के तहत कुछ नेपाली समेत 265 विद्यार्थी इज़राइल गए थे.
इज़राइल के दक्षिणी इलाके में हमास के हमलों में सैनिकों समेत कम से कम 700 लोगों की मौत हो गई है और 2,100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, इज़राइल के जवाबी हमलों में गाज़ा पट्टी में करीब 500 लोगों की मौत हुई है और दो हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
इससे पहले, सुदुर पश्चिम विश्वविद्यालय के 17 नेपाली विद्यार्थी गाजा पट्टी के पास के इलाके किबुत्ज़ अलुमिम में एक खेत में काम कर रहे थे और वे हमास के हमले की चपेट में आ गए थे. इसमें 10 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी और चार जख्मी हैं और उनका इलाज किया जा रहा है. दो छात्र बच गए थे जबकि एक विद्यार्थी लापता बताया जा रहा है.
सरकार द्वारा संचालित दैनिक ‘गोरखापत्र’ के मुताबिक, पश्चिमी नेपाल के टीकापुर नगर पालिका में सैकड़ों छात्रों ने तख्तियां लेकर मौन जुलूस निकाला और इजराइल के युद्धग्रस्त क्षेत्र से नेपाली विद्यार्थियों को निकालने के लिए सरकार की ओर से तत्काल कार्रवाई की मांग की. अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने इज़राइल के ताजा हालात और वहां नेपाली समुदाय की स्थिति पर चर्चा के लिए सोमवार को मंत्रिपरिषद की एक विशेष बैठक बुलाई.