अरब देशों की यात्रा के बाद दोबारा इजराइल जायेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 15 Oct 2023 10:00 PM
अरब देशों की यात्रा के बाद दोबारा इजराइल जायेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन
ऑडियो सुनें

काहिरा. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजराइल-हमास युद्ध के एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील होने से रोकने के उद्देश्य से छह अरब देशों की यात्रा पूरी करने के बाद इस सप्ताह दोबारा इजराइल जायेंगे . अमेरिकी विदेश विभाग ने ब्लिंकन की सोमवार को इजराइल यात्रा की योजना की घोषणा की, पिछले पांच दिनों में यह उनकी दूसरी यात्रा होगी. ब्लिंकन मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ वार्ता के लिए रविवार को काहिरा पहुंचे.

गाजा में इजराइल के आसन्न जमीनी हमले के विनाशकारी मानवीय परिणाम उत्पन्न करने वाले एक व्यापक युद्ध छिड़ने की बढ.ती आशंकाओं के बीच अरब नेताओं के साथ ब्लिंकन की बैठकों में यह आखिरी बैठक है. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने ब्लिंकन के साथ यात्रा कर रहे संवाददाताओं से कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ”इजराइली अधिकारियों के साथ आगे के परामर्श के लिए” तेल अवीव जा रहे हैं . मिलर ने इस बारे में कुछ भी विस्तार से नहीं बताया.

मिस्र आने से पहले, ब्लिंकन ने रविवार सुबह रियाद में सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की. यह बैठक पिछले तीन दिनों के दौरान संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर, जॉर्डन और फलस्तीन के नेताओं के साथ बातचीत के बाद हुई.
ब्लिंकन ने अपनी यात्रा की शुरुआत बृहस्पतिवार को इजराइल से की थी. उन्होंने इजराइल के लिए समर्थन और एकजुटता की प्रतिबद्धता जतायी जो पिछले सप्ताह हमास के औचक हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहा है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने दूसरों को इसमें शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से चीन का समर्थन मांगने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी फोन पर बात की. ऐसे में जब हमास का खात्मा करने के लिए इजराइली सेना भारी हवाई हमले कर रही है और दस लाख से अधिक फलस्तीनियों को उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने की चेतावनी दे दी है, इजराइल की व्यापक सैन्य संघर्ष भड़कने की चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं. अरब नेताओं के साथ बातचीत में ब्लिंकन ने ऐसा नहीं होने देने के महत्व पर जोर दिया है.

वाशिंगटन में, जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अमेरिका ”इजराइल के सैन्य अभियानों के संबंध में अनुरोध या मांग नहीं कर रहा है.” जेक सुलिवन ने ‘संडे टीवी’ शो में कहा कि बाइडन प्रशासन ”केवल हमारे बुनियादी सिद्धांतों को बता रहा है – वे सिद्धांत जिन पर यह और इजराइल सहित सभी लोकतंत्रिक देश आधारित हैं. यही बात हमें आतंकवादियों से अलग बनाती है कि हम वास्तव में नागरिक जीवन का सम्मान करते हैं.”

उन्होंने कहा कि अमेरिका ”उनकी सैन्य योजना में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है या उन्हें विशिष्ट निर्देश देने या अनुरोध करने की कोशिश नहीं कर रहा है.” सुलिवन ने कहा कि अमेरिका सार्वजनिक और निजी तौर पर संदेश दे रहा है कि ”सभी सैन्य अभियान युद्ध के कानून के अनुरूप होने चाहिए, नागरिकों की रक्षा की जानी चाहिए, नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिये एक वास्तविक अवसर मिलना चाहिए” और भोजन, पानी, दवा और आश्रय तक उनकी पहुंच होनी चाहिए.

सुलिवन ने यह भी कहा कि अमेरिका अब तक गाजा से मिस्र के राफा सीमा के जरिये अमेरिकी नागरिकों को गाजा से बाहर निकालने में असमर्थ रहा है. व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को रेखांकित करते हुए, अमेरिकी सेना ने पूर्वी भूमध्य सागर में एक विमान वाहक युद्ध पोत तैनात कर रखा है और शनिवार को एक दूसरे की तैनाती की घोषणा की. नौसैनिक उपस्थिति का उद्देश्य ईरान, सीरिया और लेबनान के हिजबुल्ला जैसे अन्य देशों और समूहों को संघर्ष में शामिल न होने से रोकना है.

इसके अलावा शनिवार को इजराइली सेना ने कहा कि गाजा में हमास के ठिकानों के खिलाफ उसका हमला बहुत जल्द शुरू होगा, राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से फोन पर बात की.
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ब्लिंकन के संदेश पर अरब की प्रतिक्रिया आम तौर पर सकारात्मक रही है – जिन्होंने यह स्वीकार किया है कि इजराइल को हमास के हमलों का जवाब देने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने गाजा में मानवीय स्थिति के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की.

अरब नेताओं ने यह भी कहा है कि वर्तमान स्थिति को इजराइल-फलस्तीनी शांति समझौते के बिना हल नहीं किया जा सकता जो फलस्तीनियों को एक स्वतंत्र देश प्रदान करता है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रियाद के बाहर शहजादे मोहम्मद के साथ अपनी लगभग एक घंटे की बैठक में, ब्लिंकन ने “हमास के हमलों को रोकने, सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और संघर्ष को फैलने से रोकने पर प्रकाश डाला.”

विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, ”दोनों ने नागरिकों की सुरक्षा और पूरे पश्चिम एशिया तथा उससे आगे स्थिरता सुनिश्चत करने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहरायी .” वहीं सऊदी अरब ने बैठक के बारे में कहा कि यह बैठक मुख्य रूप से फलस्तीनी नागरिकों पर केंद्रित थी. इसमें कहा गया कि सऊदी अरब “किसी भी तरह से नागरिकों को निशाना बनाने या उनके बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण हितों को नुकसान पहुंचाने पर आपत्ति जताएगा.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu