यूक्रेन के स्कूल में बम विस्फोट के बाद बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 08 May 2022 07:27 PM
यूक्रेन के स्कूल में बम विस्फोट के बाद बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका
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जेपोरीजिया. पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के शहरों, कस्बों और गांवों पर रूस की गोलाबारी जारी है और इस बीच रूस के गिराये एक बम से रविवार को एक स्कूल तबाह हो गया और उसके तलघर में शरण लिये हुए दर्जनों यूक्रेनवासियों के मारे जाने की आशंका है. लुहांस्क प्रांत के गवर्नर ने कहा कि बिलोहोरिवका गांव के स्कूल में शनिवार को गिराये गये बम से विस्फोट होने के बाद आग लग गयी और यह घटना घटी. उन्होंने बताया कि आपातकालीन बचाव दल ने दो शव निकाले हैं और 30 लोगों को बचाया है.

गवर्नर सरही हैदाई ने टेलीग्राम मैसेंिजग ऐप पर लिखा, ‘‘पूरी आशंका है कि मलबे में फंसे सभी 60 लोग मर चुके हैं.’’ रूस की गोलाबारी में पास के प्रिविलिया कस्बे में 11 और 14 साल के दो लड़के भी मारे गये हैं. यूक्रेन की राजधानी कब्जा कर पाने में विफल रूस ने अपने हमले डोनबास की ओर केंद्रित कर दिये हैं जहां उसके सर्मिथत अलगाववादी 2014 से लड़ रहे हैं.

अजोवस्तल इस्पात संयंत्र में फंसे सभी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग नागरिकों को शनिवार को निकाला गया. वे यूक्रेन के लड़ाकों के साथ यहां शरण लिये हुए थे. संयंत्र के अंदर अब भी लड़ाके मौजूद हैं जिन्होंने समर्पण करने से इनकार कर दिया है और माना जा रहा है कि इनमें बड़ी संख्या में जख्मी हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने रात्रि संबोधन में कहा कि जख्मी लोगों और चिकित्सा र्किमयों को निकालने पर ध्यान केंद्रित रहेगा. उन्होंने कहा कि मारियुपोल और आसपास के लोगों को निकालने के लिहाज से सुरक्षित गलियारा बनाने के लिए रविवार को भी काम जारी रहेगा.

यूक्रेन की सरकार संयंत्र की भूमिगत सुरंगों और बंकरों में फंसे करीब 2,000 लड़ाकों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क साध रही है. जेलेंस्की ने इस काम को मुश्किल माना है, लेकिन कहा, ‘‘हम उम्मीद नहीं छोड़ रहे. हम रुक नहीं रहे. हर दिन हम ऐसे किसी कूटनीतिक विकल्प पर काम कर रहे हैं जो कारगर सिद्ध हो सके.’’

यूक्रेन के राष्ट्रपति रविवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा अन्य देशों के नेताओं के साथ आॅनलाइन बातचीत कर सकते हैं. यह बैठक आंशिक रूप से ‘यूरोप में विजय दिवस’ पर पश्चिमी देशों के बीच एकजुटता प्रर्दिशत करने के लिए है. यह दिन 1945 में नाजी जर्मनी के समर्पण से जुड़ा है.

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